कुरुक्षेत्र। आल हरियाणा यूनिवर्सिटी इंपलाइज फेडरेशन के आह्वान पर केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की तीन दिवसीय हड़ताल का पहला दिन विद्यार्थियों पर भारी रहा।
हड़ताल की सबसे अधिक मार दूरदराज से आने वाले विद्यार्थियों पर पड़ी। संघ ने पहले दिन की हड़ताल को सफल करार दिया और अगले दो दिनों के लिए कमर कसी।
ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटीज इंपलाइज फेडरेशन के आह्वान पर केयू गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ की हड़ताल के पहले दिन विश्वविद्यालय में सभी कार्यालय बंद रहे। हड़ताल के कारण दूरदराज से दाखिला लेने आए विद्यार्थियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फार्म जमा कराने आए विद्यार्थियों को अधिकारी नहीं मिलने के कारण फार्म सत्यापित नहीं हो पाए। इसके अलावा प्रेस काउंटर पर भी विद्यार्थियों को हड़ताल के चलते प्रोस्पेक्टस नहीं मिले। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में कार्यालय कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण विद्यार्थियों के दाखिला फार्म भी रिसीव करने वाला कोई कर्मचारी विभाग में नहीं मिला।
दूसरी ओर, हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कुंटिया अध्यक्ष मान सिंह, महासचिव सुनील कक्कड़, प्रेस सचिव रविंद्र तोमर और सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संत कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय फेडरेशन की मांगों को यदि हल्के में लेने का प्रयास किया तो आंदोलन और तेज होगा।
उन्होंने मांग की है कि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा करे और हरियाणा सरकार प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर कर्मचारियों की मांगों को बातचीत के माध्यम से हल करे अन्यथा विश्वविद्यालय फेडरेशन के कर्मचारियों के आंदोलन को सर्व कर्मचारी से संबंधित सभी विभागीय संगठन भी उनके समर्थन में हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
हड़ताल के पहले दिन कुंटिया के पूर्व महासचिव बलजीत सिंह, पूर्व महासचिव दीपक शर्मा, नीलकंठ शर्मा, भारत भूषण, यशपाल नारंग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पोली राम, उपाध्यक्ष चंदन सिंह, सह-सचिव रामलाल, कोषाध्यक्ष कैलाश शर्मा, अमित, सरोज देवी, परवेश मथाना, बृज भूषण, विनोद वर्मा, राजबीर मलिक, सुरेंद्र शर्मा, सुखबीर दहिया, शशि शर्मा, यशपाल सैनी, रमेश कुंडू, मीठिया राम और अंशुल शर्मा मौजूद रहे।
इन मांगों के लिए हो रहा आंदोलन
सभी विश्वविद्यालयों में स्वायत्तता बहाल की जाए, वेतन विसंगतियां दूर करने का अधिकार कुलपति को दिया जाए, चतुर्थ श्रेणी के खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए, ठेका प्रथा बंद की जाए, सहायकों का ग्रेड-पे 3600 रुपये बहाल किया जाए, पुरानी स्टाफ रेशो बहाल की जाए, वित्त विभाग हरियाणा की ओर से जारी कर्मचारियों से संबंधित सभी आदेश सभी विश्वविद्यालयों में सीधे तौर पर लागू किए जाएं, टेक्निकल स्केल बहाल किया जाए, विश्वविद्यालयों के सभी कर्मचारियों को पंजाब के बराबर वेतनमान दिया जाए और सीसीएस, एचएयू और लुवास हिसार में भी अन्य विश्वविद्यालयों की तरह पांच दिन का कार्य सप्ताह किया जाने की मांगें शामिल हैं।
हिसार से आया छात्र मायूस लौटा
हिसार से आए राहुल ने बताया कि वह बीकॉम पांचवें सेमेस्टर की डीएमसी लेने के लिए आया था, लेकिन हड़ताल के कारण काम नहीं हो सका। छात्र के अनुसार वह सुबह साढे़ पांच बजे हिसार से चला था।
रुपये के साथ समय भी बर्बाद
हिसार से आए बजरंग ने बताया कि वह हिसार कॉलेज से बीकॉम कर रहा है, जो केयू से मान्यता प्राप्त है, किसी कारण से बीकॉम पांचवें सेमेस्टर की डीएमसी कॉलेज नहीं आई, जिसे लेने के लिए केयू में आया था, लेकिन हड़ताल के कारण उसके रुपये और समय दोनों बर्बाद हुए।
नहीं ठीक हुई गैरहाजिरी
करनाल से आई स्तुति ने बताया कि वह बीटेक की छात्रा है। उसकी सातवें सेमेस्टर में गैरहाजिरी लगी है, जिसे ठीक कराने के लिए वह केयू में आई थी, लेकिन हड़ताल के चलते कुछ नहीं हो सका।
डीएमसी की जगह मिले धक्के
पानीपत से आई कमला ने बताया कि उसकी बेटी बीए फाइनल में है, जिसकी बेटी की डीएमसी घर नहीं आई उसे लेने के लिए आई थी, लेकिन हड़ताल के कारण खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण नहीं हुआ काम
सफीदो से आए छात्र अरुण ने बताया कि केयू से बीए मासकॉम छठे सेमेस्टर की डीएमसी लेने के लिए आया था, लेकिन हड़ताल के कारण उसका काम नहीं हो पाया।
रि-चेकिंग फार्म नहीं भर पाया
नरवाना से आए छात्र अमन ने बताया कि वह रि-चेकिंग के फार्म भरने के लिए आया था, आज केयू स्टाफ हड़ताल पर है और फार्म भरने की अंतिम दिन था। अब खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है।
समस्या लेकर कुलपति से मिला इनसो
छात्र संघर्ष समिति के आह्वान पर केयू प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हड़ताली कर्मचारियों के स्थान पर विश्वविद्यालय के शिक्षक स्टाफ को तैनात कर विद्यार्थियों को राहत प्रदान की।
इनसो राष्ट्रीय प्रधान महासचिव जसविंद्र खैरा, केयू के अध्यक्ष संदीप नैन, संयोजक विक्रम चौधरी, इनसो प्रदेश प्रवक्ता योगेश शर्मा, इनसो नेता मंजू जाखड़, एसएफआई के राज्याध्यक्ष शहनवाज, जिला सचिव धर्मेंद्र सिंह, विश्वविद्यालय सचिव पवन थुआ, विकास, भारतीय विद्यार्थी मंच के राज्याध्यक्ष सत्यवान सहित विभिन्न छात्र संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कुलपति से मिले।
संघर्ष समिति की मांग और हड़ताल के दौरान परेशान विद्यार्थियों की समस्याओं को देखते हुए केयू कुलपति ने विद्यार्थी संगठनों को आश्वासन दिया कि वे तुरंत इस मामले में कार्रवाई करते हुए शिक्षक स्टाफ की ड्यूटी लगा रहे हैं।
प्रवेश परीक्षा तिथि बदलने की मांग
छात्र संगठनों ने कुलपति से मिलकर ये भी मांग की है कि भौतिकी और स्पेशल बीएड की प्रवेश परीक्षा एक ही दिन व एक ही समय में है। इस कारण बहुत से विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह जाएंगे। छात्र संगठनों ने इन दोनों प्रवेश परीक्षाओं को अलग-अलग समय व अलग दिन करने की मांग रखी।