कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय में आर्य युवती परिषद, एनएसएस और उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में स्वदेशी जागरण अभियान विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भरता और स्वदेशी वस्तुओं के महत्व से जोड़ना और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यशाला में स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया। इसमें कहा गया कि स्थानीय उत्पाद न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है बल्कि भारतीय परंपराओं, कारीगरों और लघु उद्योगों को भी संरक्षण देता है। मुख्य अतिथि ताराचंद, संयोजक स्वावलंबी भारत अभियान ने कहा कि स्वदेशी अपनाकर हम गरीबी मुक्त और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। डॉ. निधि माथुर ने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं बल्कि आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छा शक्ति से भी जुड़ी है। उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. श्वेता गुप्ता ने महिला उद्यमिता पर छात्राओं को संबोधित किया और अपने उद्यमी अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास और साहस के बल पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता पा सकती हैं। डॉ. अजय जांगड़ा ने महिला सशक्तीकरण और सरकारी योजनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए नारी शक्ति के योगदान को याद किया और छात्राओं को स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर महाविद्यालय ने स्वदेशी जागरण मंच के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।