कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) हिसार में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज का कड़ा विरोध किया है।
शुक्रवार को विश्वविद्यालय के संयुक्त छात्र मोर्चा के बैनर तले एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी), भारत की छात्र संघ महासंघ (एसएफआई) और डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया (डीएएसएफआई) सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने कुवि थर्ड गेट पर प्रदर्शन किया और एचएयू के कुलपति का पुतला फूंका।
विभिन्न संगठनों के सदस्य पहले कुवि रोज गार्डन में एकत्रित हुए, जहां से रोष मार्च निकालते हुए कुवि थर्ड गेट पहुंचे और कड़ा विरोध जताया। एएसएपी अध्यक्ष भारत बराड़, एसएफआई के अध्यक्ष रोहित और डीएएसएफआई के अध्यक्ष सिमरन मुंडे ने बताया कि 10 जून को एचएयू में विद्यार्थी छात्रवृत्ति नीति में किए गए बदलाव का विरोध कर रहे थे। पहले 75 प्रतिशत अंक लाने वाले सभी विद्यार्थी छात्रवृत्ति के पात्र होते थे, लेकिन अब यह सुविधा केवल शीर्ष 25 प्रतिशत विद्यार्थियों तक सीमित कर दी गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और परिश्रमी विद्यार्थियों को बड़ा नुकसान होगा।
छात्र नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थी केवल कुलपति से संवाद करना चाहते थे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी आवाज को दबाने के लिए पुलिस और सुरक्षा कर्मियों का सहारा लिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से मांग की है कि विद्यार्थियों की सभी मांगों को स्वीकार किया जाए। लाठीचार्ज की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।