शाहाबाद। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट ने अमेरिका की ओर से भारत से आयात पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैक्स (टैरिफ) के फैसले की कड़ी निंदा की है। इस निर्णय के बाद कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है जो दुनिया में सबसे अधिक है। भाकियू का कहना है कि यह कदम अमेरिका की भारत विरोधी नीति और आर्थिक दबाव का उदाहरण है जिसका सीधा असर भारतीय किसानों और आम जनता पर पड़ेगा।
भाकियू चढ़ूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि अमेरिका यह कार्रवाई रूस से भारत के तेल आयात के कारण कर रहा है जबकि खुद अमेरिका और यूरोप रूस से लगातार माल खरीद रहे हैं। यह उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत की कृषि, मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्रों को अपने बहुराष्ट्रीय कारोबारी हितों के लिए खोलना चाहता है जो देश के किसानों के खिलाफ है।
राकेश बैंस ने कहा कि भारत की आधी से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है। किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम मोदी सरकार से अपील करते हैं कि वह विदेशी दबाव में न झुके और विदेशी कंपनियों का बहिष्कार करने की अपील की। भाकियू ने देशवासियों से शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी विरोध के लिए अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों और सेवाओं का बहिष्कार करने की अपील की है।