कुरुक्षेत्र। नए विधेयक के विरोध के चलते जिले में बीज व कीटनाशक विक्रेताओं की हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। दुकानें बंद रख विक्रेताओं ने कड़ा रोष जाहिर किया और 14 अप्रैल तक हड़ताल बरकरार रखने पर अडिग रहे। इस हड़ताल से उन्हें हर रोज 10 लाख से अधिक का फटका लग रहा है तो वहीं किसानों को भी बड़े नुकसान की आशंका होने लगी है।
किसानों की माने तो गन्ने व मक्की की फसल में कीटनाशक का बड़ा प्रकोप बन चुका है, जिसमें कीटनाशक का स्प्रे किया जाना जरूरी है लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें ये कीटनाशक उपलब्ध नहीं हो रहा है। ऐसे में इन फसलों के साथ-साथ सब्जियों में नुकसान की आशंका बन चुकी है। कीटनाशक हासिल करने के लिए किसानों को दर-दर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उधर बीज व कीटनाशक विक्रेता एसोसिएशन के प्रधान प्रमोद कुमार मित्तल के मुताबिक बुधवार को करनाल में प्रदेश भर के विक्रेता एकजुट हुए, जहां 14 अप्रैल तक हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया। बुधवार को जिले में हड़ताल रखी गई और आगे भी प्रदेश एसोसिएशन के निर्णय अनुसार कदम उठाया जाएगा। फिलहाल हड़ताल बरकरार है। जिले में बीज व कीटनाशक विक्रेताओं की करीब 800 दुकानें हैं और अब तक 30 लाख से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हो चुका है।
पिछले दरवाजे से कीटनाशक बेचना पड़ सकता है भारी, बॉयकाट भी संभव
भले ही नए विधेयक के विरोध में अधिकतर बीज व कीटनाशक विक्रेता हड़ताल पर उतरे हुए हैं और दुकानें व प्रतिष्ठान बंद कर रखे हैं लेकिन इसी बीच कुछ विक्रेता पिछले दरवाजे से भी चोरी छिपे यह कारोबार कर रहे हैं। अभी तक कुरुक्षेत्र के तीन विक्रेताओं की पहचान की जा चुकी है, जिनके नाम प्रदेश कार्यकारिणी को भी करनाल में हुई बैठक में दिए जा चुके हैं।
उधर जिला प्रधान प्रमोद मित्तल का कहना है कि इसी विषय पर वीरवार को नई अनाजमंडी धर्मशाला में एसोसिएशन की अहम बैठक होगी, जिसमें ऐसे विक्रेताओं का जुर्माना लगाने से लेकर बॉयकॉट किए जाने का भी निर्णय लिया जा सकता है।
तीन एकड़ फसल में फैली बीमारी, नहीं मिल रहा कीटनाशक : धर्मवीर
पिपली के किसान धर्मवीर ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ में मक्की की फसल उगाई हुई है, जिसमें बीमारी फैल चुकी है। ऐसे में कीटनाशक का छिड़काव जरूरी हो गया है लेकिन दो दिन से उसे यह मिल नहीं पा रहा है। ऐसे में फसल में बड़े नुकसान की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।