कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार ने थानेसर हलका के नागरिकों को करीब 29 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी है। इस राशि से छोटी और बड़ी परियोजनाओं को जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से आगामी 30 दिनों में अमलीजामा पहना दिया जाएगा। इन विकास कार्यों के लिए टेक्निकल टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने थानेसर हलका के विकास कार्यों को तेज गति के साथ पूरा करने के आदेश दिए हैं। इस हलका में जितने भी कार्य लंबित पड़े थे, उन विकास कार्यों को संबंधित विभाग के अधिकारी शुरू करेंगे और नई परियोजनाओं को भी अमलीजामा पहनाने का काम किया जाएगा। पूर्व मंत्री ने कहा कि सरस्वती नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव खेड़ी मारकंडा में 8.50 एमएलडी क्षमता वाला नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाया जाएगा। इस कार्य पर 18 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि खर्च होगी। इस परियोजना पर आगामी एक माह में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले भी जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा नरकातारी रोड पर 25 एमएलटी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग का 15 एमएलटी की क्षमता वाला एसटीपी परियोजना को पूरा किया है।
पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के मुताबिक एसटीपी के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने गांव खेड़ी मारकंडा में सीवरेज पाइप लाइन की सौगात देने का काम किया है। गांव में जल्द ही लोगों को सीवरेज की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के लिए प्रदेश सरकार ने सात करोड़ रुपये की बजट पास किया हैं और आगामी सात दिनों के अंदर टेंडर की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा तथा एक महीने के अन्दर सीवरेज की पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि थानेसर हलका में पहले से भी तेज गति के साथ विकास कार्य किए जाएंगे और विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी, यह आश्वासन मुख्यमंत्री ने हलका के नागरिकों को दिया है।
सीवरेज पाइप लाइन बिछाने पर खर्च होंगे एक करोड़ 27 लाख
पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से थानेसर शहर में अलग-अलग जगहों पर सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के लिए एक करोड़ 27 लाख रुपए का बजट जनस्वास्थ्य विभाग को जारी कर दिया गया है। इस कार्य को शुरू करने के लिए बकायदा टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। शहर में पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध करवाने की परियोजना को भी अमलीजामा पहना दिया गया है। इस परियोजना पर दो करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा और इस परियोजना के निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार ने जन स्वास्थ्य विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर में अलग-अलग जगहों पर पीने के पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए चार नए ट्यूबवेल लगाने का टेंडर जारी किया है। इस विकास कार्य पर करीब 50 लाख रुपए का बजट खर्च किया जाएगा।