कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के एलुमनी सेल की ओर से छात्रों को एक लचीले भविष्य की ओर सशक्त बनाना : हरित और सतत प्रौद्योगिकियों में नवाचार से प्रभाव विषय पर एक सप्ताह की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को किया गया।
ऑनलाइन माध्यम से आयोजित उद्घाटन सत्र में विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, पूर्व छात्रों और विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष, रोबोटिक्स व इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, सीमेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एसोसिएट डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) प्रो. दीक्षित गर्ग ने सतत प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
एलुमिनाई सदस्यों व आईटी कुलचित्रा के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विशेषज्ञ व्याख्यानों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से अकादमिक-औद्योगिक सहभागिता को सुदृढ़ करना है। ऐसी पहलों के माध्यम से एनआईटी कुरुक्षेत्र सतत भविष्य के निर्माण के लिए सामाजिक रूप से उत्तरदायी इंजीनियरों और सशक्त एलुमिनाई-विद्यार्थी नेटवर्क को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
मुख्य वक्तव्य संस्थान के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र फ्लूगेलसॉफ्ट ग्रुप चेयरमैन कल्याणजीत हातिबारुआ (बैच 1991-1995) ने नवाचार आधारित सतत विकास, उद्योग की अपेक्षाओं और वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में युवा इंजीनियरों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी को सामाजिक व पर्यावरणीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
निदेशक प्रो. डॉ. बीवी रमना रेड्डी ने एलुमिनाई सेल की इस पहल की सराहना की और इसे पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों के बीच सशक्त संवाद का मंच बताया। उन्होंने हरित नवाचार व राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप परिणाम-आधारित शिक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई। डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) प्रो. प्रतिभा अग्रवाल ने संस्थागत विकास में पूर्व छात्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस मौके पर डॉ. शेली वाधेरा, डॉ. योगेश अग्रवाल, डॉ. अंशु पराशर, डॉ. अमनदीप कौर, डॉ. रवि प्रताप सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। विचार साझा करते हुए प्रो. दीक्षित गर्ग। स्वयं