कुरुक्षेत्र। शिविर में रक्तदाताओं को सम्मानित करते पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। श्री गुरु तेग बहादुर जी बलिदान, शांति और मानवता के प्रतीक हैं। उनके साहस और सिद्धांतों के साथ-साथ आदर्शों की अटूट प्रतिबद्धता रही है। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने अत्याचार और अन्याय के सामने झुकने से इन्कार कर दिया था। उनकी शिक्षाएं हमें आज भी प्रेरित करती हैं और समाज को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। ये विचार पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने शनिवार को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर हरियाणा कला परिषद परिसर में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयोजित रक्तदान शिविर में व्यक्त किए।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर उनका हौसला बढ़ाया। इसके साथ ही रक्तदान करने वालों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि जिले में अब 25 नवंबर तक गुरु साहिब जी के आदर्शों से प्रेरित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत जिला प्रशासन ने रक्तदान शिविरों का आयोजन करके की है। उन्होंने कहा कि 8 नवंबर को सिरसा के रोडी, 11 नवंबर को पंचकूला के गांव मढ़ावाला, 14 नवंबर को फरीदाबाद और 18 नवंबर को यमुनानगर के साढ़ौरा से शहीदी यात्रा निकाली जाएंगी। सभी चारों यात्रियों का 25 नवंबर को जिले में प्रवेश होने पर स्वागत किया जाएगा।
पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि 3 नवंबर को विद्यालयों में सुनो कहानी गुरु तेग बहादुर जी की व निबंध प्रतियोगिता कार्यक्रमों का आयोजन होगा। गुरु साहिब जी की जीवनी पर किताब का विमोचन और राष्ट्रीय सेमिनार कार्यक्रम 8 नवंबर को होगा। हिंद दी चादर मैराथन 9 नवंबर को करनाल में आयोजित की जाएगी। इसी तरह 18 नवंबर को यमुनानगर के कलेसर में गुरु तेग बहादुर वन का उद्घाटन किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र। शिविर में रक्तदाताओं को सम्मानित करते पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा। विज्ञप्ति