कुरुक्षेत्र। ऊनी टॉप देखते ग्राहक। संवाद
कुरुक्षत्र। मौसम में सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने लगी है। इसके चलते बाजारों में ऊन से बने कपड़ों की मांग तेज हो गई है। इस बार ट्रेंड के अनुसार ग्राहक स्टाइलिश और हल्के वजन वाले ऊनी कपड़ों को अधिक पसंद कर रहे हैं। वहीं पारंपरिक ऊन के हाथों से बुने स्वेटर, टोपी और जुराबों का भी चलन जोर पकड़ रहा है। सर्दी की शुरुआती दस्तक ने कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
शहर के मुख्य बाजारों में दुकानदारों ने विंटर कलेक्शन सजा दिया है। दुकानों में बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों के लिए कोट, कार्डिगन, शॉल, जैकेट व ओवरकोट की नई रेंज उपलब्ध है। खास बात यह है कि ग्राहक इस बार फैशन और वार्मथ दोनों का ध्यान रखकर खरीदारी कर रहे हैं। हल्के लेकिन पर्याप्त गर्म रखने वाले थर्मल इनर, जैकेट, ऊनी शॉल और स्टॉल खास पसंद किए जा रहे हैं। कारोबारी रोबिन ने बताया कि कुछ दिन में तापमान में और गिरावट होगी और इससे वुलन एवं ऊन उद्योग में तेजी आएगी। अब लोग हल्के और गर्म कपड़े अधिक पसंद कर रहे हैं। जैकेट और स्वेटर भी हल्के पसंद आ रहे हैं।
मौसम बदलाव होते ही 50 प्रतिशत बढ़ी बिक्री : रामचंद्र
ऊनी धागों के कारोबारी रामचंद्र ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार हाथ से बुने ऊनी उत्पादों की मांग अच्छी है। लोग खासतौर पर गिफ्टिंग के लिए हैंड-मेड जुराब, दस्ताने और बच्चों के स्वेटर ले रहे हैं। कई गृहिणियां और महिलाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने बुनाई के उत्पाद बेच रही हैं और कुछ महिलाएं खुद के बुने हुए स्वेटर डालना ही पसंद करती हैं। ऐसे में मौसम में बदलाव होते ही 50 प्रतिशत बिक्री बढ़ गई है।
कुरुक्षेत्र। ऊनी टॉप देखते ग्राहक। संवाद