कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार गोवंश के कार्य पर तेज गति के साथ कार्य कर रही है। जो गोचरांद की जमीन पंचायतें ठेके के आधार पर प्रयोग कर रही है उन जमीनों को ठेके से छुड़वाने का प्रयास किया जाएगा। उक्त बातें कृषि, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के मंत्री श्याम सिंह राणा ने शनिवार को श्री कृष्ण कृपा गोशाला में आयोजित गोपाष्टमी के पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने गांव में गायों के चरने के लिए गोचरांद छोड़े हुए थे, जहां पर गाय चरने जाती थीं लेकिन 1965 में एक अदालती फैसले के अनुसार गोचरांद की जमीनें पंचायतों के पास चली गई थीं जिन्हें छुड़वाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से भारत में गो माता का पूर्ण महत्व रहा है। कहा कि गऊ माता देवता के रूप में मानी जाती है। प्रदेश सरकार गोशालाओं को प्रोत्साहन दे रही है तथा प्रदेश में गो सेवा आयोग का गठन भी किया हुआ है। पहले की सरकार गोवंश के कार्यों पर कोई ध्यान नहीं देती थी लेकिन जब से भाजपा की प्रदेश में सरकार आई है तब से लगातार इस पर कार्य चल रहा है। मौके पर मंत्री श्याम सिंह राणा ने श्री कृष्ण कृपा गोशाला को 11 लाख रुपये अनुदान राशि देने की भी घोषणा की।
डीएपी की कमी नहीं, हर रोज आ रही एक ट्रेन
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। कहा कि किसानों को डीएपी खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी। हर रोज एक ट्रेन खाद की आ रही है लेकिन किसान जल्दबाजी दिखा रहे हैं। खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर भी तंज कसा और कहा कि कांग्रेस सपने देखने के बाद भी सत्ता में नहीं आ सकी और अब इसके नेता अपनी राजनीति को बचाए रखने के लिए डीएपी को ही मुद्दा बना रहे हैं।