कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य को 2030 तक एनीमिया मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक तीसरे माह बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित सात कैटेगरी में हिमोग्लोबिन चेक किया जाता है।
जिला सिविल सर्जन डाॅ. सुखबीर सिंह ने कहा कि इस अभियान के तहत सात कार्य दिवस तक एनीमिया एलिमिनेशन सप्ताह मनाया जाना था, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मार्च माह के लिए बढ़ा दिया है। इसके तहत जांच में एनीमिया पाए जाने पर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को आयु के हिसाब से गोली या सिरप का सेवन करना होता है। पांच वर्ष तक के बच्चों को सिरप, छह से नौ वर्ष तक के बच्चों को गुलाबी गोली, 10 से 19 वर्ष तक को नीली गोली तथा गर्भवती-स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लाल गोली खिलाई जाती है। उन्होंने आम नागरिकों से अपना हिमोग्लोबिन चेक करवाने और एनीमिया होने पर आयरन की गोलियां खाकर एनीमिया से मुक्ति पाने की अपील की।