लाडवा स्थित अनाथ आश्रम में आठ दिनों तक अनशन करने पर भी अधिकारियों के
सुध न लेने पर आश्रम संस्थापक, स्टाफ सदस्यों और बच्चों ने डीसी कार्यालय
पर अनशन शुरू कर दिया।
इसके बाद संबंधित अधिकारी घंटे भर तक उनकी मिन्नतें
करते रहे। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद ही आश्रम संस्थापक अनशन
समाप्त करने के लिए तैयार हुए।
विश्वास संस्था के अंतर्गत बाल अनाथ
आश्रम के संस्थापक शीशपाल आश्रम से संबधित अपनी मांगों को लेकर स्टाफ और
बच्चों के साथ आठ दिनों से आश्रम में ही अनशन कर रहे थे। इसके बाद भी कोई
अधिकारी उनसे मिलने के लिए नहीं पहुंचा।
इससे नाराज होकर वे वीरवार को सुबह
ही जिला सचिवालय स्थित डीसी कार्यालय पर पहुंच गए और अनशन शुरू कर दिया।
इसके करीब दो घंटे बाद उनके पास जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीरू रानी और
जिला बाल सरंक्षण समिति के चेयरमैन वीरेंद्र काजल पहुंच गए।
दोनों
अधिकारियों ने शीशपाल को मनाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अनशन
समाप्त नहीं किया। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें लिखित में उनकी मांगें
पूरी करने का आश्वासन दिया। इस पर ही उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया।
ये थीं मुख्य मांगें
अनशनकारी
शीशपाल ने बताया कि उनकी मांगों में किराए पर चल रहे आश्रम को जमीन उपलब्ध
कराना, इसमें रह रहे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और राशन कार्ड बनवाना,
आश्रम के लिए सरकार की ओर से ग्रांट जारी करना शामिल है।
इसके लिए वह
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन से लेकर सभी संबधित
अधिकारियों को गुहार लगा चुके हैं। इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई है।
एसडीएम से मिली रिपोर्ट, डीसी को सौपेंगे : वीरेंद्र काजल
जिला
बाल सरंक्षण समिति के चेयरमैन वीरेंद्र काजल और डीसीपीओ नीरू रानी ने
बताया कि आश्रम की इन मांगों को लेकर डीसी ने पहले कुछ आदेश किए हुए थे।
इस
संबधित रिपोर्ट को उन्होंने एसडीएम कार्यालय से लिया है। यह रिपोर्ट अब
डीसी को सौंपी जाएगी। जल्द ही आश्रम की मांगें पूरी करवा दी जाएंगी।