कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक मामले में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया है। गुमथला गांव के गुरभजन सिंह ने बीमा कंपनी पर गलत तरीके से क्लेम रद्द करने का आरोप लगाया।
आयोग ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को गलत तरीके से दावा खारिज करने का दोषी पाते हुए शिकायतकर्ता को 2,66,243 रुपये का मुआवजा नौ प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया। गुरभजन सिंह ने स्टार हेल्थ से फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा इंश्योरेंस प्लान खरीदा था, जो 31 मार्च 2022 से 30 मार्च 2023 तक वैध था।
31 मई 2022 को उन्हें सेप्टिक शॉक के कारण फोर्टिस अस्पताल मोहाली में भर्ती किया गया, जहां इलाज पर 2,66,243 रुपये खर्च हुए। शिकायतकर्ता ने सभी बिल और दस्तावेज बीमा कंपनी को जमा किए, लेकिन कंपनी ने तीन सितंबर 2022 को दावा यह कहकर खारिज कर दिया कि आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए गए।
शिकायतकर्ता ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया। आयोग ने शिकायतकर्ता के साक्ष्य, जिसमें शपथ पत्र और दस्तावेज शामिल थे, की जांच की। शिकायतकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि मधुमेह को कंपनी ने दावा खारिज करने का आधार बनाया है। यह एक सामान्य जीवनशैली बीमारी है और इसे पहले से मौजूद बीमारी के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय और राज्य आयोगों के निर्णयों का हवाला देते हुए, आयोग ने माना कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां आधुनिक जीवन का हिस्सा हैं और इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।
आयोग ने बीमा कंपनी को 2,66,243 रुपये, 16 अगस्त 2023 से नौ प्रतिशत ब्याज सहित 20 हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए और 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च के लिए 45 दिनों में भुगतान करने का निर्देश दिया। अनुपालन न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत कार्रवाई होगी।