कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के 37 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस मामले में एमडी पास विद्यार्थियों ने तीन साल का अनुभव अनिवार्य किए जाने की शर्त को चुनौती दी है।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में छात्रों ने मांग की है कि सेवा नियमों में संशोधन कर अनुभव की शर्त हटाई जाए और नई विज्ञप्ति जारी की जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए अगली तारीख 6 नवंबर तय की है। अब इस दिन भर्ती की प्रक्रिया और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस अहम मुद्दे पर अगली बहस होगी।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने 2019 में एमडी कोर्स शुरू किया था, जो तीन साल का होता है। ऐसे में इस कोर्स से पासआउट हुए विद्यार्थियों के पास तीन साल का अनुभव होना संभव नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि यह शर्त नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन की 2022 की अधिसूचना के भी खिलाफ है जिसमें असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर सीधी भर्ती के लिए किसी अनुभव की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि विज्ञापन सरकार से अनुमोदित नियमों के तहत जारी किया गया है और अंतिम निर्णय अब कोर्ट के अधीन है।