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लोगों से मांगा सहयोग, उपद्रवियों को हिदायत

Sun, 22 Jan 2017 12:44 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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 प्रदेश में 29 जनवरी से होने वाले जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर शनिवार को जिला प्रशासन ने लाडवा और बाबैन में विभिन्न गांव के सरपंचों, ग्रामीणों और जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष के साथ बैठक की। इस दौरान प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए लोगों का सहयोग मांगा और उपद्रवियों को हिदायत भी दी। 
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जाट आंदोलन के मद्देनजर जिला प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को लाडवा के गांव जैनपुर जाटान में जिला उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने विभिन्न गांवों के सरपंचों, गांववासियों के साथ शनिवार को एक विशेष बैठक में ये विचार व्यक्त किए। बैठक में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने आंदोलन से लोगों पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कर अपना नफा-नुकसान देखने की सलाह दी। वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सरकार पर जाटों से वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस बैठक में उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि प्रशासन व जनता के बीच संवाद बना रहे इसके लिए इस बैठक का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि भाईचारा व शांति बनाए रखने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी जिम्मेदारी है। 

बैठक में जिला परिषद सदस्य नफे सिंह, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष बलदेव राठी, गांव जैनपुर जाटान के सरपंच विकास कुमार, बपदा के सरपंच राजपाल, बडौंदा के सरपंच रघुबीर सिंह, बलजीत सिंह, मिहा सिंह, सुरेंद्र कुमार, आशीष  फौजदार, जसबीर सिंह, रामचंद्र, साहब सिंह, सोहन सिंह, जगमाल, रामकरण, जियालाल, रतिराम, बाबूराम आदि मौजूद रहे। 
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...तो होगी संपत्ति कुर्क, एसपी की दो टूक                  
बैठक में एसपी अभिषेक गर्ग ने चेतावनी दी कि पुलिस प्रशासन किसी भी सूरत में सड़कों पर जाम लगाने, हिंसक वारदात करने, कानून को हाथ में लेने और उपद्रव करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटेगा। उन्हाेंने चेताया कि सार्वजनिक और लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर ऐसा करने वालों की निजी संपत्ति को कुर्क करके पूरा किया जाएगा। एसपी ने कहा कि जाम, प्रदर्शन होने की स्थिति में पुलिस में मामला दर्ज होने पर युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़ा हो सकता है। इससे उन्हें नौकरी, वीजा आदि में पुलिस वेरिफिकेशन कराने में परेशानी आ सकती है।            

राठी ने जताया हिंसक घटनाओं पर खेद      
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष बलदेव राठी ने कहा कि सरकार की बार-बार वायदाखिलाफी के कारण मजबूर होकर दोबारा आंदोलन शुरू करना पड़ रहा है। उन्होंने पिछले आंदोलन में हुई हिंसक घटनाओं पर खेद जताते हुए कहा कि सरकार में शामिल कुछ लोगों ने ही भाईचारा बिगाड़ने का काम किया है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि इस बार धरनास्थल के आधा किलोमीटर के दायरे में होने वाली किसी भी घटना के लिए समिति जिम्मेदार होगी। इस सीमा के बाहर प्रशासन अपने तौर पर शरारती तत्वों से निपटे। 

जीरो टोलेरेंट पॉलिसी पर काम करेगा प्रशासन
बाबैन में आयोजित बैठक में उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन जीरो टोलेरेंस पॉलिसी पर काम करेगा। 
वे शनिवार को बाबैन खंड के गांव गुहन व बाबैन में एक निजी पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस मौके पर बीडीपीओ अंग्रेज सिंह, एसएचओ कमलदीप, रामकला, नसीब सिंह, धर्मवीर,जगत सिंह, जाट सभा राज्य सचिव लाभ सिंह, सतबीर रामपुरा, केसर सिंह, मान सिंह, नंबरदार तरसेम, श्रीचंद सुनारिया, गुरनाम सिंह गजराना, नायब सिंह पटाक माजरा, रीना देवी, सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सुभाष कसीथल, रामशरण माजरा के सरपंच सुरेश सैनी आदि रहे।

आंदोलनों का गढ़ रहा है जैनपुर जाटान       
लाडवा खंड के गांव जैनपुर जाटान का इतिहास आंदोलनों का रहा है। गांव जैनपुर जाटान व आसपास के गांव कई आंदोलनों में अपनी भागेदारी दर्ज करा चुके हैं। किसानों को लेकर क्षेत्र में होने वाले प्रत्येक धरने, प्रदर्शन से लेकर ताऊ देवीलाल के न्याय युद्ध और अब जाट आरक्षण आंदोलन में गांव जैनपुर जाटान सक्रिय भूमिका निभा चुका है। जून 2016 में जाट आरक्षण की मांग को लेकर जिला कुरुक्षेत्र में 15 दिवसीय जिला स्तरीय धरना भी गांव जैनपुर जाटान में दिया गया था। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आंदोलन के आह्वान को देखकर जिला प्रशासन ने सबसे पहले गांव जैनपुर में बैठक कर लोगों की आंदोलन के बारे में थाह लेने की कोशिश की है।                  
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