एक फरवरी को केंद्र सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बजट से आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी काफी उम्मीदे है। हर कोई आशा लगाए हुए है कि अबकी बार उनके अच्छे दिन आएंगे। हालांकि पिछले वर्ष पेश किए गए बजट से आम लोगों को केेवल निराशा ही हाथ लगी थी, लेकिन इस बार सरकार आम लोगों की उम्मीदों पर कितनी खरा उतर पाएगी यह बजट पेश होने के बाद ही पता चल पाएगा। लोगों का कहना है कि भाजपा सरकार ने जनता को भरोसा दिया था कि सरकार उन के लिए अच्छे दिन लेकर आएगी और सरकार के तीन साल पूरे होने वाले है, लेकिन महंगाई ने गरीबों की कमर तोड़ दी है।
बड़े स्तर पर दी जाए व्यापारियों व कारोबारियों को राहत : बंसल
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि आज आढ़तियों, व्यापारियों और विभिन्न प्रकार के कारोबारियों को संकट जैसे दौर से गुजरना पड़ रहा है। अनेकों व्यापारिक संस्थान घाटे का सामना कर रहे है तो वहीं अनेकों व्यापारियों व आढ़तियों ने भी दूसरे कार्यों की ओर रुझान करना शुरू कर दिया है। सरकार को चाहिए कि इन सभी को बड़े स्तर पर राहत दी जाए ताकि वे अपने कारोबार को बढ़ा रोजगार के अवसर भी पैदा कर सके।
टैक्स कम किए जाए : कर्ण सिंह
रेलवे रोड पर सीमेंट एवं सरिया विक्रेता करण सिंह का कहना है कि सरकार को टैक्स कम करने चाहिए। टैक्स कम होने से सामान की कीमतें कम होगी तो आम लोगों को भी राहत मिल पाएगी।
सरकार मध्य वर्ग का रखें ध्यान : अनुज सिंगला
दुकानदार अनुज सिंगला ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता को भाजपा सरकार से उम्मीद है कि इस वर्ष के बजट में लोगों को राहत मिले। हर कोई महंगाई से परेशान हो चुका है और सरकार को विशेष तौर पर गरीब व मध्य वर्ग का ध्यान रखना चाहिए।
सब टैक्स एक जैसा होने चाहिए: कुलभूषण गरोवर
दुकानदार कुलभूषण ग्रोवर ने कहा कि सरकार ने इस बजट में सभी करों को एक जैसा करना चाहिए, दुकानदार कहीं से भी समान खरीदें तो कोई अलग से टैक्स नहीं लगना चाहिए।
व्यापारी वर्ग को दें अहमियत : ललित कुमार
दुकानदार ललित कुमार का कहना है कि इस वर्ष के बजट में सभी प्रकार के व्यापारी वर्ग का ध्यान रखना चाहिए । सरकार को चाहिए कि व्यापारी वर्ग को अहमियत दी जाए। ताकि निम्न वर्ग का व्यापारी भी अपनी जरुरतमंदों चीजों को पूरा कर सके।
सरकार गरीबों का रखे ध्यान : प्रदीप कुमार
मेडिकल स्टोर संचालक प्रदीप कुमार का कहना है कि सरकार से उम्मीद है कि इस वर्ष का बजट अच्छा आना चाहिए। सरकार ने दवाइयों पर टैक्स कम लगना चाहिए। जिससे गरीब व्यक्ति की जेब पर ज्यादा असर न पड़े और उसे अपने इलाज में किसी परेशानी को न झेलना पड़े।