रेलवे स्टेशन पर हजारों की संख्या में आने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब यात्रियों को फूड स्टॉल से ठंडा खाना लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोगों की सुविधा के लिए रेलवे उच्चाधिकारियों ने स्टेशन परिसर में स्टॉल्स पर गैस सिलेंडर यूज करने की परमिशन दे दी है। इसके बाद अब बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग सभी गर्म खाने का स्वाद ले सकेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गैस सिलेंडर पर ऑटो सेंसर वाले रेगुलेटर लगाने की शर्त रख दी गई है।
गौरतलब है कि लगभग दो माह पहले डीआरएम ऑफिस से आदेश जारी हुए थे कि कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन परिसर में गैस सिलेंडर यूज नहीं किया जाएंगे और यदि कोई सिलेंडर इस्तेमाल करता मिलेगा तो रेलवे उस पर कार्रवाई करेगा। इसके बाद स्टॉल पर चाय, ब्रेड-पकौड़ा, कढ़ी-चावल सहित अन्य गर्म मिलने वाली खाद्य सामग्री ठंडी मिलनी शुरू हो गई थी, जिसपर यात्रियों ने काफी नाराजगी जताई थी। वहीं कर्मचारी भी ठंडी खाद्य सामग्री ही ग्रहण करने को मजबूर थे। हालांकि अमर उजाला ने भी इस बाबत पहली अगस्त को खबर प्रकाशित की थी, जिसका शीर्षक था- अब स्टेशन पर नहीं मिल पाएगा गर्म खाने का स्वाद। बताया जा रहा है कि इन्हीं सब बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अब रेलवे के उच्चाधिकारियों ने फूड स्टाल पर सशर्त गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने की स्वीकृति प्रदान की है।
उल्लेखनीय है कि अबकी बार पहले जैसी स्थिति नहीं होगी। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर ही करीब फूड 30 स्टॉल पर गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने पर रोक लगाई थी। लिहाजा, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अब गैस सिलेंडरों पर ऑटो सेंसर वाले रेगुलेटर इस्तेमाल करने अनिवार्य कर दिए गए हैं। यानि केवल वे स्टॉल संचालक ही गैस सिलेंडर यूज कर सकेंगे, जोकि सिलेंडर पर ऑटो सेंसर रेगुलेटर लगाएंगे।
सिक्योरिटी पर्पस से ऑटो सेंसर रेगुलेटर लगाने के निर्देेश: नरेश
आरपीएफ चौकी इंचार्ज नरेश कुमार ने बताया कि डीआरएम ऑफिस से एक सप्ताह पहले आदेश आए हैं कि सभी स्टॉलों पर गैस सिलेंडर बेशक इस्तेमाल किए जाएं, लेकिन साथ ही सिलेंडर पर ऑटो सेंसर वाला रेगुलेटर जरूर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसा सिक्योरिटी पर्पस से किया गया है। यदि सिलेंडर में कोई लीकेज या आगजनी जैसी समस्या आएगी तो ऑटो सेंसर रेगुलेटर उसे कंट्रोल करने में सक्षम है। ऑटो सेंसर रेगुलेटर तुरंत सिलेंडर से गैस सप्लाई को रोक देता है। लिहाजा, लोगों को गर्म खाने से वंचित रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।