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सनातन चेतना, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अमर प्रतीक है सोमनाथ मंदिर : नायब

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पिहोवा। कार्यक्रम के दौरान संतों का सम्मान करते मुख्यमंत्री नायब सैनी। विभाग - फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।
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पिहोवा। श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भारत की सनातन चेतना, अटूट आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का अमर प्रतीक है, जिसने हर आक्रमण, हर संघर्ष और हर विपत्ति के बाद राष्ट्र को पुन: खड़े होने की शक्ति दी है।
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उन्होंने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा। वहीं कार्यक्रम में पहुंचे साधु संतों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा यह पर्व भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक जागरण और सभ्यतागत निरंतरता का प्रतीक है। वैदिक नदियों अरुणाय और सरस्वती के पावन संगम स्थल पर इस पर्व का आयोजन इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और अधिक दिव्य बना रहा है। उन्होंने कहा कि यहां स्थित प्राचीन संगमेश्वर मंदिर सदियों से इस पवित्र संगम और भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा का साक्षी रहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व 11 जनवरी से शुरू होकर 11 जनवरी 2027 तक चलेगा। देशभर से श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। प्रदेश से भी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8 जून को विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी। इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने भी संबोधित किया।

सोमनाथ को बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग का गौरव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा में सोमनाथ को बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग का गौरव प्राप्त है। इस मंदिर का इतिहास भारत की धैर्यगाथा और आध्यात्मिक शक्ति का इतिहास है। विदेशी आक्रांताओं ने इस मंदिर को अनेक बार तोड़ा और लूटा लेकिन हर बार यह मंदिर और अधिक साहस और आस्था के साथ पुन: खड़ा हुआ।
134 स्थानों को पर्यटन व आध्यात्मिक रूप में किया जाएगा विकसित

मुख्यमंत्री ने कहा कि 48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि में 367 तीर्थ स्थल हैं। वर्ष 2023 में सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण के बाद 18 नए तीर्थ स्थलों को सूची में जोड़ा गया। इसके बाद अब तक कुल 182 तीर्थ स्थलों का दस्तावेजीकरण किया जा चुका है। 134 स्थानों को पर्यटन व आध्यात्मिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर महंत रविन्द्र पुरी महाराज, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, बंसी पुरी महाराज, भद्रकाली मंदिर पीठाधीश पंडित सतपाल महाराज, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेन्द्र गोल्डी, जयभगवान शर्मा डीडी, सूचना, संगमेश्वर महादेव मंदिर के संचालक गौतम भूषण, सीएम मीडिया कॉर्डिनेटर तुषार सैनी, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच और केडीबी मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

पिहोवा। कार्यक्रम के दौरान संतों का सम्मान करते मुख्यमंत्री नायब सैनी। विभाग- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।

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