कुरुक्षेत्र। श्रद्धालुओं के साथ महंत राजेंद्र पुरी। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी की चल रही 11 दिवसीय खड़ी तपस्या के तीसरे दिन शनिवार को भी दूर-दूर से श्रद्धालु आशीर्वाद के लिए दरबार में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूजन के उपरांत महंत पुरी की प्रेरणा से हवन में आहुतियां भी डाली।
महामृत्युंजय मंत्र जाप व गीता पाठ के उपरांत महंत ने तपस्या के दौरान सत्संग करते हुए कहा कि संतों की तपस्या का फल समाज को नैतिकता, सदभाव और दिव्य मार्गदर्शन के रूप में मिलता है, जिससे लोगों के जीवन से अंधविश्वास, भेदभाव मिटते हैं और वे पारस पत्थर के समान संतों की संगति से दिव्य कर्मों की ओर बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि संतों की तपस्या से समाज में खुशहाली और भक्तों का कल्याण होता है, उन्हें आत्मिक शांति व सही मार्ग प्राप्त होता है।
महंत ने कहा कि संत अपनी तपस्या से समाज में नैतिकता, प्रेम, दया और सहनशीलता का संचार करते हैं, जिससे लोग सदाचार और आत्मिक उन्नति की ओर बढ़ते हैं। संतों का उद्देश्य मानव जाति का कल्याण होता है, वे अपने ज्ञान और तपोबल से लोगों को सदमार्ग दिखाते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं।
कुरुक्षेत्र। श्रद्धालुओं के साथ महंत राजेंद्र पुरी। विज्ञप्ति