कुरुक्षेत्र। रेलवे ओवरब्रिज के समीप स्थित भारतीय चर्च। संवाद
कुरुक्षेत्र। पूरी दुनिया को गीता का अमर संदेश देने वाली धर्मनगरी में 1899 से भारतीय चर्च यीशु मसीह की शिक्षाओं का प्रकाश फैला रही है। इससे क्रिश्चन ही नहीं अन्य धर्मों के लोग भी जुड़े हैं, जिससे आपसी भाईचारे का संदेश भी फैल रहा है। चर्च में 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले यीशु मसीह के जन्म दिवस क्रिसमस डे की तैयारी शुरू हो चुकी हैं।
चर्च के पादरी दीपक सिंह बताते हैं कि यहां 12 फरवरी 1899 को मोहन नगर में रेलवे स्टेशन के साथ ही चर्च की स्थापना की गई थी। जिले की इस सबसे बड़ी व प्राचीन चर्च में हमेशा ही भाईचारे का संदेश दिया जाता रहा है। हर साल की तरह इस बार भी यीशु मसीह के जन्म दिवस को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। 24 दिसंबर रात 12 बजे ही यह आयोजन शुरू हो जाएगा और अगले दिन 25 दिसंबर को भी जारी रहेगा। प्रार्थना के बाद केक भी काटा जाएगा। इसके लिए चर्च को बेहद आकर्षक ढंग से सजाए जाने की तैयारी है। कार्यक्रम में शहर व आसपास से भी सैंकड़ों लोग शामिल होते हैं, जिनमें क्रिश्चन ही नहीं दूसरे धर्मों के लोग भी होते हैं। उन्होंने कहा कि यीशु मसीह ने मानवता के कल्याण की ही शिक्षाएं दी है।
कुरुक्षेत्र। रेलवे ओवरब्रिज के समीप स्थित भारतीय चर्च। संवाद