कुुरुक्षेत्र। धान रोपाई सीजन के बीच डीएपी व यूरिया खाद का गड़बड़झाला लगातार सामने आ रहा है। इसी के चलते कृषि विभाग से लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है, जहां जिला उपायुक्त ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं वहीं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने खाद विक्रेताओं का स्टॉक जांच करने के लिए टीमें फील्ड में उतारी हैं। दो सप्ताह में ही गड़बड़झाला मिलने पर 36 विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं, इनमें पिपली-थानेसर में 20 व पिहोवा एवं इस्माईलाबाद में 16 विक्रेता शामिल हैं। फिलहाल विभाग की दबिश लगातार जारी है।
उधर जिला उपायुक्त ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि यूरिया व डीएपी की कालाबाजारी करने वाले दुकानदार व खाद विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए, वहीं कृषि विभाग ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, जिसके चलते खाद विक्रेताओं में खलबली मच गई है। जिले में एक लाख 15 हजार हेक्टेयर में धान रोपाई की जा चुकी है। धान के सीजन के लिए जहां सात हजार एमटी डीएपी की जरूरत है वहीं 60 हजार एमटी यूरिया की खपत होती है। अधिकारियों की मानें तो जिले में इस समय खाद का कोई संकट नहीं है।
एसडीएम टीमों का गठन कर करेंगे जांच : डीसी
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि कोई भी दुकानदार यूरिया व डीएपी की कालाबाजारी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। धान की फसल की रोपाई के बाद मार्केट में यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध हो चुका है। किसानों को सही समय पर उचित मात्रा में खाद उपलब्ध हो, इसके लिए सभी उपमंडल अधिकारी अपनी-अपनी टीमों का गठन कर औचक निरीक्षण करेंगे। एसडीएम दुकानदारों व खाद विक्रेताओं के स्टॉक व रजिस्टर के साथ मिलान कर रिपोर्ट भेजेंगे।
50 हजार एमटी से ज्यादा यूरिया मिल चुका : डॉ. कर्मचंद
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। 70 हजार एमटी में से 50 हजार एमटी किसानों तक पहुंच चुकी है जबकि एक रेक सोमवार को भी पहुंची है। एक रेक मंगलवार को भी पहुंचेगी। जिले में पैक्स सहित करीब 300 दुकानें हैं, जहां खाद बेची जा रही है। हर दुकान पर विभाग की नजर है। अभी तक मिलान में गडबड़ी मिलने पर 36 विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई लगातार आगे भी जारी रहेगी।