कुरुक्षेत्र। 20 दिन पहले गत 28 नवंबर से 15 दिसंबर तक पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर मनाया गया अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कैसा रहा, इस पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने गहन मंथन किया है। यहां तक कि छह पन्नों पर 35 बिंदुओं की रिपोर्ट भी तैयार की है, जिसे मुख्यमंत्री नायब सैनी के समक्ष रखा गया है।
अब इसी रिपोर्ट को दृष्टिगत रखते हुए इस वर्ष 15 नवंबर से मनाए जाने वाले गीता महोत्सव की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक महोत्सव के आयोजन में खामियां न के बराबर ही रही जबकि पिछले वर्षों की तुलना करते हुए इस बार उठाए गए कई नए कदमों के रहे सकारात्मक परिणामों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। महोत्सव की तैयारियां कितने दिनों में और किस तरह से पूरी की जा सकी, यह ब्योरा भी रिपोर्ट में दिया गया। इसमें लोकसभा व विधानसभा चुनावों के चलते दो बार लगी आचार संहिता के चलते रही बाधाओं के जिक्र के साथ सीमित समय में की गई तैयारी का भी जिक्र किया गया। गत 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने भी गीता महोत्सव मेला प्राधिकरण, केडीबी व 48 कोस तीर्थ समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ बैठक में इस समीक्षा रिपोर्ट की हर बारीकी को समझा तो वहीं अब इस वर्ष मनाए जाने वाले महोत्सव की रूपरेखा को भी प्राथमिक तौर पर तय कर लिया गया, जिसके अनुसार ही मेला प्राधिकरण से लेकर केडीबी व तीर्थ समिति ने तैयारी भी शुरू कर दी है।
कुवि सहित सभी विभागों को लिखा पत्र ः हालांकि इस वर्ष मेला प्राधिकरण द्वारा गीता महोत्सव मनाए जाने की संभावना जताई जा रही है लेकिन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व तीर्थ समिति भी तैयारी में जुट गई है। यहां तक कि महोत्सव को और बेहतर बनाया जा सके, इसके लिए समय रहते तैयारी करने को लेकर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित सभी संबंधित विभागों को पत्राचार भी शुरू कर दिया गया है।
इंडोनेशिया हो सकता है इस बार सहभागी देश ः इस बार महोत्सव 21 दिन तक 15 नवंबर से पांच दिसंबर तक मनाए जाने पर प्रदेश सरकार की मुहर लग चुकी है। यही नहीं मध्यप्रदेश सहभागी प्रदेश होगा। करीब तीन साल पहले भी मध्य प्रदेश महोत्सव का सहभागी प्रदेश रह चुका है और अब यह दूसरा मौका होगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन सिंह यादव भी इस बार पांच दिसंबर को पुरुषोत्तमपुरा बाग में हुए संत सम्मेलन में शरीक हुए थे और उन्होंने उसी समय ही अगली बार उनके प्रदेश को सहभागी बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था। वहीं इस बार इंडोनेशिया सहभागी देश हो सकता है, जिसको लेकर पत्राचार भी शुरू किया जा चुका है। गत वर्ष तंजानियां सहभागी देश बना था तो इससे पहले 2023 में श्रीलंका, 2020 में नेपाल व 2018 में मॉरिशस सहभागी देश रह चुके हैं। संवाद