फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: छह दिन बाद शाहाबाद की रावी कॉलोनी से पकड़े गए जेल से फरार दोनों हवालाती

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जिला जेल से रविवार को फरार हुए हवालाती रजत और शबर अली को छह दिन बाद सीआईए-दो ने शाहाबाद की रावी कॉलोनी से काबू कर लिया। आज उन दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। जेल से फरार होने के बाद रजत और शबर अली एक साथ ही रह रहे थे। शुक्रवार को शबर अली उसके साथ फरार हुए रजत को लेकर अपने घर जा रहा था। इसकी भनक लगते ही सीआईए-दो की टीम ने दोनों को बीच रास्ते से ही दबोच लिया, जबकि रोहित पाल को पुलिस ने सोमवार को शाहाबाद मारकंडा पुल से गिरफ्तार कर लिया था। तीनों नशे की लत की वजह से जेल से फरार हुए थे।
विज्ञापन

बता दें रोहित पाल, रजत निवासी माजरी मोहल्ला और शबर अली निवासी रावी कॉलोनी शाहाबाद गत सप्ताह रविवार शाम को जिला जेल से फरार हो गए थे। जिला जेल के ब्लॉक तीन में गिनती के दौरान चोरी के आरोपी रोहित, रजत व शबर अली हाजिर नहीं थे। जेल प्रबंधन ने अपने स्तर पर जेल में उनकी तलाश की तो पता चला कि तीनों मुलाकात कक्ष की छत के रास्ते से एक पाइप के सहारे जेल की दीवार कूदकर फरार हो गए थे। जेल उप-अधीक्षक शिवेंद्र पाल की शिकायत पर थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज करके जांच सीआईए-दो को दी थी।
मामले की जांच करते हुए सीआईए-दो की टीम ने सोमवार को रोहित पाल को शाहाबाद मारकंडा पुल से काबू करके अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया था। अब छह दिन के बाद सीआईए-दो ने रजत और शबर अली को भी गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन



तीनों को नशे की लत
जेल से फरार हुए रोहित, रजत और शबर अली को नशे की लत है। पुलिस पूछताछ में बताया कि रजत और शबर अली ने कबूला कि उनको नशे की तलब लगी थी। इसकी पूर्ति के लिए ही रविवार सुबह उन तीनों ने जेल से भागने की योजना बनाई थी। शाम को वे तीनों एक-दूसरे का सहारा लेकर मुलाकात कक्ष की छत पर चढ़ गए और जेल की दीवार कूदकर फरार हो गए थे।


शाहाबाद से रोहित हुआ अलग
जेल से फरार होने के बाद तीनों एक साथ शाहबाद पहुंचे थे। यहां से रजत और शबर अली एक-साथ अंबाला की ओर निकल गए थे। जेल से भागने से लेकर पकड़े जाने तक रजत और शबर अली एक साथ रहे। एक-दो दिन वे अंबाला बस अड्डे व रेलवे स्टेशन पर रहे। इस दौरान लोगों से पैसे लेकर उन्होंने अपना गुजारा किया। उसके बाद वे कई अन्य जगह भी गए और फिर वापस शाहाबाद आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें