कुरुक्षेत्र। मौसम साफ होते ही धान कटाई भी जोरों पर होने लगी है, जिससे अनाजमंडियों में आवक भी तेज हो चुकी है। अनाजमंडियां धान से अट रही है लेकिन न खरीद रफ्तार पकड़ पा रही न ही उठान। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वे न पकी फसल को खेतों में बिना कटाई किए छोड़ पा रहे हैं और न ही मंडियों में उन्हें धान डालने के लिए जगह मिल पा रही। मंडियों में उठान व खरीद के ये हालात तब है जब तीन दिन पहले उच्चाधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे।
अपने निरीक्षण के दौरान उच्चाधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को खरीद किए गए धान का उठान दो दिन में कर लिए जाने और अपने गोदामों में रखने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शुक्रवार शाम तक महज 17 फीसदी उठान ही किया जा सका। उधर आवक लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को भले ही धान कटाई व आवक पर शनिवार को होने वाले विधानसभा चुनाव का असर पड़ा और महज 700 क्विंटल धान की ही आवक हुई। वहीं अब तक चार लाख एक हजार 550 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है, जो पिदले साल के मुकाबले काफी कम है। पिछले साल चार अक्तूबर तक 41 लाख 55 हजार 760 क्विंटल धान की आवक हो चुकी थी जबकि इसी दिन ही 45390 क्विंटल आवक हुई थी। शुक्रवार को 40 हजार 155 क्विंटल धान की खरीद की गई।
ब्रह्मसरोवर चारों ओर से धान से ढका
थानेसर अनाजमंडी फुल होने के चलते ब्रह्मसरोवर के आसपास भी अस्थायी अनाजमंडियां चारों ओर लग चुकी है। इससे यहां पर्यटकों को भारी परेशानी झेली पड़ रही है। ब्रह्मसरोवर के चारों ओर अधिकतर सड़कों पर धान की ढेरियां लग चुकी है। उधर किसानों की माने तो उन्हें हर सीजन में ही ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है।