कैथल। जिले के सिसला गांव की युवा मुक्केबाज संजना प्रतिभा और मेहनत के दम पर बॉक्सिंग की दुनिया में लगातार पहचान बना रही हैं। उन्होंने महज 19 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। अब उनका सपना ओलंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीतना है।
संजना फिलहाल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीपीएड की पढ़ाई कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ बॉक्सिंग में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने दुबई में आयोजित जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा जूनियर नेशनल, यूथ स्टेट प्रतियोगिताओं में भी रजत पदक अपने नाम किए हैं।
संजना ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे पूरे परिवार का सहयोग और माता-पिता का मार्गदर्शन सबसे बड़ी ताकत है। कोच गुरमीत के निर्देशन में वह लगातार अभ्यास कर रही हैं। उनका मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और अनुशासन व मेहनत ही खिलाड़ियों को मंजिल तक पहुंचाती है। उनका कहना है कि यदि परिवार का साथ और माता-पिता का समर्थन मिले तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच गुरमीत ने कहा कि संजना में सीखने की ललक और देश व जिले का नाम रोशन करने की चाह है। यही उन्हें लगातार सफलता की ऊंचाइयों तक ले जा रही है। संजना को बॉक्सिंग के लिए इतना जुनून है कि वह कभी भी अपना अभ्यास छोड़ती नहीं है।
पदक दिखाती संजना।