कुरुक्षेत्र। जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर पात्र मतदाताओं को अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। आम जनता द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। यह आशंका एसआईआर प्रक्रिया में मिली विसंगतियों और पुराने अभिलेख से मिलान न होने के कारण मिल रहे नोटिस से उपजी है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने स्पष्ट किया कि केवल पुराने मतदाता अभिलेख का मिलान न होने से किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लंबे समय से निवास कर रहे मतदाता दस्तावेज को लेकर चिंतित न हों। एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है। मतदाता की पात्रता का परीक्षण भारत निर्वाचन आयोग के नियमों और उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर होगा। उपायुक्त ने आमजन से किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करने की अपील की।
पात्रता संबंधी दस्तावेज
जिन मतदाताओं का पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है। उन्हें अपनी पात्रता के साक्ष्य के रूप में निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उपायुक्त ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत में एक जुलाई 1987 से पहले हुआ है। तो वह निर्धारित दस्तावेज की सूची में से स्वयं का कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है।