कुरुक्षेत्र। पूर्व सैन्य कर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर 79 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच कर रही पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के सम्राजय का खुलासा किया है। जिसके सीधे तार कंबोडिया से जुड़े हैं । इस पूरे गिरोह को चीन से संचालित किया जा रहा है। गिरोह साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए भारत से हजारों की संख्या में सिम कार्ड नेपाल के रास्ते चीन पहुंचाता है। वहां से सिम कंबोडिया के साइबर फ्रॉड करने वालों को भेजे जाते हैं। ये सिम भारतीय नेटवर्क पर सक्रिय हो जाती हैं। इससे यह कॉल्स भारतीय नंबरों जैसे दिखते हैं।
कुरुक्षेत्र के सेक्टर-2 में रहने वाले पूर्व सैन्य कर्मी से ठगी मामले में गिरफ्तार देहरादून के दीपनगर निवासी अनिकांत भट से रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताया कि गिरोह भारत में साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए देश भर के युवाओं को विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर कंबोडिया बुलाता है। जहां पहले से दुनिया भर के अलग-अलग देशों के युवा साइबर स्लेवरी (साइबर गुलामी) की जिंदगी जीने को मजबूर होते हैं। कंबोडिया में इन युवाओं साइबर ठगी के लिए बनाए कंपाउंडों में रखा जाता है, जहां इन्हें यातना दी जाती है। जो युवा ठगों की बात मान लेता है उन्हें साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग कंपाउंडों में ट्रेनिंग दी जाती है। इन कंपाउंडों के बॉस कंबोडिया में हैं। इसे चीन से नियंत्रित किया जाता है। ठगी के लिए वहां बंधक बनाए गए स्लेवरी को टारगेट देते हैं। लक्ष्य हासिल करने वाले को कमीशन के रूप में उनको पैसा भी मिलता है।
कंबोडिया में ट्रेनिंग लेकर आया अिनकांत भट
अनिकांत भट कुछ समय पहले कंबोडिया गया था और वहां से साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए ट्रेनिंग लेकर आया था। उसकी दो सेकंड की भूल ने साइबर थाना पुलिस को विशाल साइबर ठगी के साम्राज्य तक पहुंचा दिया। भट ने ठगी में प्रयोग होने वाली सिम को जांचने के लिए भूल से दो सेकंड के लिए अपने पिता के निजी मोबाइल में डाल दिया। यह भूल ही पुलिस के लिए अहम सुराग बनी। इसी मोबाइल को ट्रेस करते हुए टीम ने देहरादून में दबिश दे एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर 1930 पर कॉल करें
साइबर ठगों का पूरा खेल दो सेकंड की भूल पर टिका है। किसी अज्ञात कॉल पर घबराएं नहीं। हमेशा वेरिफाई करें सीबीआई, बैंक या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगती। इसके बावजूद धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं तो हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। -महेश कुमार, साइबर थाना प्रभारी, कुरुक्षेत्र।