कुरुक्षेत्र। सेक्टर तीन में विवाहिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका काजल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कैथल में तैनात एसडीओ की पत्नी थी। उसका विवाह आठ माह पूर्व हुआ था। घर की रसोई में एक नैपकिन बरामद हुआ, जिस पर अंग्रेजी में आई एम नाॅट वेल, सॉरी...लिखा हुआ मिला, जिसे सुसाइड नोट बताया जा रहा है। काजल के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर उसे परेशान करने व हत्या कर फंदे पर लटकाने के आरोप लगाए हैं।
काजल के परिजनों ने हरप्रीत व उसके माता-पिता के खिलाफ थाना सदर थानेसर में लिखित में शिकायत देते हुए आरोप लगाए कि रिश्ता तय करते समय हरप्रीत की नौकरी नहीं लगी थी। नौकरी लगने के बाद से ही हरप्रीत के परिजन दहेज की मांग करने लगे थे और शादी के बाद छोटी-छोटी बातों पर काजल को ताने देते थे इससे काजल मानसिक तौर पर काफी परेशान रहने लगी थी और जब भी मायके आती तो बिना कुछ बोले सिर्फ रोती रहती थी।
मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि काजल की हत्या पूरी सोची-समझी साजिश के तहत की गई है। इसलिए हरप्रीत के माता-पिता एक माह पहले ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। मृतका के भाई इंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने काजल की शादी में अपनी हैसियत से बढ़कर दहेज दिया था और आठ लाख की कार भी दी थी।
हरप्रीत हर बार काजल को छोटी गाड़ी लाने का ताना देता था। उन्होंने हरप्रीत पर किसी और लड़की के साथ अवैध संबंध होने व रात को देर से घर आने के भी आरोप लगाए। इसके चलते दोनों में कई बार लड़ाई झगड़े भी हुए हैं। भाई ने आरोप लगाया कि इस कारण हरप्रीत काजल को अपने रास्ते से हटाना चाहता था।
वहीं ससुराल पक्ष की और से मृतका की ननद याशमीन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि काजल को परेशान करने वाला घर में कोई होना तो चाहिए। काजल घर में अकेली रहती थी। क्योंकि उनके माता-पिता पिछले एक माह से ज्यादा समय से देश में ही नहीं है। हरप्रीत सुबह ड्यूटी पर जाता था और शाम को घर आता था। काजल अगर परेशान थी तो उसने अपने माता-पिता व किसी अन्य को कभी कोई शिकायत क्यों नहीं की। याशमीन ने बताया कि काजल एक दिन पहले ही अपने मायके से घर लौटी थी। अगर परेशान होती तो यहां क्यों आती।