शाहाबाद : बैठक में उपस्थित अधिकारी एंव कर्मचारी। विज्ञप्ति
शाहाबाद। शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस शाहाबाद में फसल अवशेष प्रबंधन खरीफ 2025 के तहत बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सहायक गन्ना विकास अधिकारी, डॉ. बलजिंदर सिंह ने की। उन्होंने सभी सरपंचों, नंबरदारों और चौकीदारों से कहा कि किसान धान की फसल अवशेष (पराली) में आग न लगाएं। यदि कोई किसान पराली जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जुर्माने का प्रावधान दो एकड़ तक 5,000 रुपये, दो से पांच एकड़ तक 10,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक पर 30,000 रुपये तक है। इसके अलावा दोषी किसान पर मामला दर्ज होगा, मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर उसका पंजीकरण दो साल तक रोक दिया जाएगा और भूमि रिकॉर्ड में रेड एंट्री की जाएगी।
डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि पराली जलाने से भूमि के अंदर मौजूद लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इससे उपजाऊ शक्ति धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है और खेत बंजर हो सकते हैं। उन्होंने किसानों को चॉपर, मल्चर और सुपर सीडर के जरिये फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर इन-सीटू प्रबंधन करने की सलाह दी। सब्जी वाली फसलों के लिए किसान स्ट्रॉ बेलर से पराली की गांठ बनवाकर एक्स-सीटू प्रबंधन अपना सकते हैं। डॉ. ओमप्रकाश ने यह भी बताया कि इन विधियों का उपयोग करने वाले किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बैठक में शाहाबाद खंड के सभी सरपंच, नंबरदार और चौकीदार मौजूद रहे। इस अवसर पर ग्राम सचिव रविंद्र कुमार, पटवारी अरुण कुमार, जतिन चावला मौजूद रहे।