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Kurukshetra News: धर्मनगरी की शगुन ने यूपीएससी में हासिल की 618वीं रैंक

Sun, 08 Mar 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। परिवार के साथ शगुन मेहरा यूपीएससी परीक्षा पास करने पर खुशी जाहिर करते हुए। संवाद
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की बेटी शगुन मेहरा ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यूपीएससी में 618वीं रैंक हासिल की। उन्होंने बिना कोचिंग के परीक्षा पास कर न केवल अपने बल्कि माता-पिता के सपने भी पूरे कर दिखाए। इससे पहले उन्होंने एचसीएस परीक्षा पास कर वर्ष 2024 में नायब तहसीलदार की नियुक्ति पाई। इस सफलता पर वह बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गई।
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मूल रूप से गांव लोहार माजरा की रहने वाली शगुन की इस सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव व शहर में भी खुशी की लहर है। शुक्रवार से ही सेक्टर-8 स्थित घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। शगुन ने भले ही बीएससी कंप्यूटर साइंस पंजाब यूनिवर्सिटी से और मास्टर कंप्यूटर एप्लीकेशन कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से की लेकिन उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास करने की ठान ली थी। हालांकि बीएससी करते समय ही उनका चयन स्टार्टअप के लिए हो गया था।
उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की है। वे वर्तमान में अंबाला सिटी में जुलाई 2024 से नायब तहसीलदार नियुक्त हैं। पिता यशपाल मेहरा गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेन्ट ऑथोरिटी मुख्य अभियंता के पद से सेवानिवृत हुए हैं, जो कि हरियाणा पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत थे। वहीं, उनकी बड़ी बहन विदेश में सेटल है और छोटा भाई बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। शगुन ने बताया कि इस उपलब्धि में उनकी मेहनत से ज्यादा माता-पिता व अन्य परिवारजनों का सहयोग रहा। मां किरण मेहरा बीटेक व एमबीए तक पढ़ी है लेकिन गृहिणी है।
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- सफलता न मिलने से हतोत्साहित न हो
शगुन ने सभी युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी युवा को सफलता न मिलने से हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। कोशिश करने वालों को एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है। इसके लिए एकाग्रता के साथ पढ़ाई करनी चाहिए।
- अखबार पढ़ना रहा दिनचर्या का हिस्सा

शगुन मेहरा ने कहा कि अखबार पढ़ना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा। कॉलेज स्तर की पढ़ाई के बाद जैसे ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगी तो हर रोज दो अखबार पढ़ने की आदत डाली। उन्हें जितनी विस्तार से हर रोज की नई जानकारी अखबारों से मिली, शायद किसी और माध्यम से इतनी सरलता व सुलभता से नहीं मिल पाती।
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