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कुरुक्षेत्र पहुंचे SGPC के अध्यक्ष: प्रदेश सरकार पर साधा निशाना, बोले- सिखों को दो फाड़ करने की हो रही कोशिश

Tue, 20 Dec 2022 09:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंद्र सिंह धामी हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुंचे। उन्होंने यहां प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। साथ ही कहा कि सरकार सिखों की भावनाएं समझे। 
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कुरुक्षेत्र पहुंचे SGPC के अध्यक्ष। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधानी को लेकर चल रहे विवाद के बीच एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सिखों को दो फाड़ करने की कोशिश की है, लेकिन ऐसा करने वाली कोई भी पार्टी सफल नहीं हुई है। हरजिंदर सिंह धामी कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा छठी पातशाही में कुरुक्षेत्र एसजीपीसी सदस्य हरभजन सिंह मसाना के पिता के अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए आए थे, जहां पर वे मीडिया से रूबरू हुए।

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उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के सिखों की बदकिस्मती है कि हरियाणा कमेटी के प्रधान को यहां के सीएम ने मिलने का समय नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यहां के सिखों को दो फाड़ करने का षड्यंत्र रच रही है। पहले जगदीश झींडा, फिर बलजीत दादूवाल अब अमरिंदर और दीदार सिंह नलवी को भी सरकार आजमा कर देखेगी। फिर यह सभी वापस पंथ के साथ आएंगे।

प्रदेश की भाजपा सरकार अलग कमेटी बनाकर सिखों को दो फाड़ करना चाहती है, जिसे सिख संगत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। एक तरफ हरियाणा के मुख्यमंत्री कहते हैं कि वे सिखों के धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करते जबकि सिख सीएम आवास पर इकट्ठे होकर विचार विमर्श करते हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी श्री अकाल तख्त के आदेश अनुसार बनाई गई है परंतु आज हरियाणा कमेटी अकाल तख्त के आदेश अनुसार न जाकर सीएम के घर बैठकर बनाई गई है।
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उन्होंने कहा कि जगदीश सिंह झींडा बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार से मिलकर मामला से अवगत कराया है। हमने झींडा को बोला था कि हम अपनी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं परंतु उन्हें अकाल तख्त जाना चाहिए और वह गए जो सही कदम है।

21 तारीख को कुरुक्षेत्र में होने वाले इजलास पर धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अभी समय है कि इजलास को रद करें और सिख समुदाय की भावनाओं को समझें। क्योंकि जो मुहिम हरियाणा सरकार ने शुरू की है उसका अंत नहीं है। सिखों ने सरकार की दखलअंदाजी कभी बर्दाश्त नहीं की है। 

सिख बंदियों की रिहाई के लिए चंडीगढ़ और दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन
एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सिख बंदियों की रिहाई के लिए संगत के साथ मिलकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है। अभियान के संपूर्ण होने पर हम एक बड़ा विरोध प्रदर्शन चंडीगढ़ में और फिर दिल्ली में करेंगे। चाहे दिल्ली सरकार हो या फिर पंजाब सरकार दोनों ही सिखों की रिहाई के मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही। 

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