कुरुक्षेत्र। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. मोहिनी की अदालत ने वीरवार को एक ही दिन में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) की ओर से दर्ज सात मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराया। सभी मामलों में आरोपियों ने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किया जिसके बाद अदालत ने रेलवे एक्ट, 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत मामूली जुर्माना लगा प्रतीकात्मक सजा सुनाते हुए उदार रवैया दिखाया।
इन सातों दोषियों को आरपीएफ ने अलग-अलग मामलों में ट्रेन की चेन बिना वजह खींचना, बिना लाइसेंस के खाद्य सामग्री बेचना, रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट घुसना और एक मामले में ट्रैक्टर से फाटक के गेट को नुकसान पहुंचाना शामिल रहा।
इनमें बीजेंद्र सिंह को ट्रैक्टर से फाटक के गेट को नुकसान पहुंचाने पर धारा 154 के तहत दोषी ठहराते हुए 500 रुपये जुर्माना और अदालत की कार्रवाई तक वहीं खड़े रहने की सजा दी। स्टेशन मास्टर शंकर लाल मीणा ने कहा कि यह घटनाक्रम यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए चेतावनी है कि रेलवे नियमों की छोटी-छोटी अनदेखी भी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।