कुरुक्षेत्र पहुंचे एसजीपीसी सदस्य।
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हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा छठी पातशाही पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों की सेवा एसजीपीसी अच्छे से संभाल रही है और किसी प्रकार की कभी कोई गड़बड़ी नहीं होने दी। यहां के गुरुद्वारों का आने वाला बजट महज 44 करोड़ है जिसमें से कई गुना ज्यादा यहां के गुरुद्वारों और सिखों के अन्य संस्थानों पर एसजीपीसी की ओर से खर्च किया जाता रहा है। इन संस्थानों में शाहबाद में मेडिकल कॉलेज भी शामिल है जहां हर रोज करीब 600 ओपीडी की जा रही हैं।
विर्क ने कहा कि हरियाणा के कुछ सिख नेता अपने अपने समय की प्रदेश सरकार के हाथों खेलते रहे हैं और सरकार सिखों को गुमराह करती रही है। पूरे देश के सिख एकजुट हैं और एसजीपीसी इसी एकता को बनाए रखने के लिए भरसक प्रयास करती रही है। एसजीपीसी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को 30 सितंबर को ही जनरल हाउस की बैठक में रद्द कर दिया था और अब इस आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जल्दी में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।
सात अक्तूबर को अमृतसर में जुटेंगे हरियाणा-पंजाब के सिख
विर्क ने कहा कि सात अक्तूबर को अमृतसर में हरियाणा और पंजाब की संगत बड़ी संख्या में जुटेगी और विशाल प्रदर्शन करते हुए अमृतसर के डीसी को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सिखों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अब सिख जागरूक हो चुके हैं। एसजीपीसी के सदस्य हरभजन सिंह मस्ताना और बलदेव सिंह ने भी कहा कि एसजीपीसी जैसा अच्छा प्रबंधन दूसरी संस्था से संभव नहीं हो सकता।