शाहाबाद। जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में मामले से अवगत करवाते पंजाबी शिक्षक एवं भाषा कल्याण सम
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। हरियाणा में भले ही पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा वर्ष 2010 में मिल गया था, लेकिन यह कागजों तक ही सीमित है। हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा 2024 प्री बोर्ड की डेटशीट में पंजाबी विषय का पेपर शामिल न करना है। जब हरियाणा का शिक्षा विभाग ही पंजाबी भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा मिलने के बावजूद अनदेखा कर रहा है, तो अन्य विभाग क्यों गौर करेंगे। जिला कुरुक्षेत्र से पंजाबी शिक्षकों एवं भाषा कल्याण समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष जगदीप सिंह के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा को इस बारे में अवगत करवाया है। उन्हें अधिकारी की तरफ से यह आश्वासन भी मिला है कि अब ऐसा भविष्य में कभी नहीं होगा और आलाधिकारियों के संज्ञान में मामला देकर जल्दी ही डेटशीट में हुई त्रुटि को सुधार कर दोबारा जारी किया जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में जिला महासचिव मनप्रीत कौर के अलावा पंजाबी के अध्यापक गुरनाम सिंह, हरविंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, मनीष कुमार, गुरदीप कौर और गीता रानी मौजूद रहे।
न सरकार दे रही ध्यान और न ही एचएसजीएमसी सदस्य : मसाना
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्रीअमृतसर के वरिष्ठ उपप्रधान जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना का कहना है कि एसजीपीसी के पूर्व प्रधान स्वर्गीय अवतार सिंह मक्कड़ के रखे गए प्रस्ताव के बाद ही हरियाणा में 2010 में पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा दिया गया था, लेकिन तब से अब तक लाखों पंजाबियों के रहते हरियाणा में पंजाबी भाषा की हालत दयनीय ही बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की लापरवाही के चलते आज प्रदेश के पंजाबी बच्चे और युवा ही पंजाबी भाषा से मुंह मोड़नें को मजबूर है, जिसका जीता जगता उदाहरण प्री बोर्ड की डेटशीट में पंजाबी विषय का पेपर शामिल न होना है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पंजाबी के अध्यापक ही नहीं है, जबकि हवाला यह दिया जाता है कि पंजाबी पढ़ने वाले विद्यार्थी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस बारे में एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को अवगत करवाएंगे, जिसके बाद यह मामला प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री से की जाएगी मुलाकात : अजराना
एचएसजीएमसी कार्यकारिणी सदस्य बीबी रविंदर कौर अजराना का कहना है कि उन्हें आज ही पता चला है कि 2024 प्री बोर्ड की डेटशीट में पंजाबी विषय का पेपर शामिल नहीं है, जोकि नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जब प्री बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट में ही पंजाबी विषय का उल्लेख नहीं है, प्रदेश के विश्वविद्यालयों और बाकी शिक्षक संस्थानों में क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि पंजाबी शिक्षकों एवं भाषा कल्याण समिति के सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने यह मामला उनके संज्ञान में दिया है। वहीं कमेटी प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि वे जल्द ही हरियाणा के मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे।