कुरुक्षेत्र। मारकंडा में डूबी 14 वर्षीय संजू की खोज के लिए चौथे दिन कोई तलाशी अभियान नहीं चलाया गया। वहीं उसका पिता घटनास्थल से झांसा तक मारकंडा के किनारों पर बेटी के मिलने की आस लिए चक्कर लगाता रहा। नदी में लाल पानी व दलदल के चलते गोताखोरों व राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को तलाशी अभियान चलाने में काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ा।
वहीं मंगलवार को भी गोताखोरों के ऑक्सीजन सिलेंडर की खराबी और अंधेरे के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा था। संजू अंबाला के साहा निवासी राम बाबू की बेटी है और वह अपने मामा के घर कलसाना में रह रही थी। रविवार को परिवार जीतिया व्रत खोलने और पूजा के लिए मारकंडा नदी पर गया था।
संजू अपनी सहेली नीलम के साथ नहाने गई, जहां दोनों डूबने लगीं। स्थानीय जितेंद्र ने नीलम को बचा लिया लेकिन संजू तेज बहाव में बह गई। प्रगट सिंह का कहना है कि कोई भी व्यक्ति चार नदी में नहीं रह सकता है।