हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले की इस्माईलाबाद नगर पालिका चेयरपर्सन निशा कानों वांघा की वोटर कार्ड को लेकर मामला गहराता जा रहा है। जिला निर्वाचन कार्यालय की शिकायत के बाद एसडीएम कार्यालय पिहोवा ने नगरपालिका चेयरपर्सन को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। स्पष्टीकरण देने का समय एक मई को खत्म होने पर चेयरपर्सन के पति ने उन्हें बीमार बताकर एसडीएम से दो दिन का समय मांगा है।
एसडीएम कार्यालय पिहोवा की ओर से जारी पत्र क्रमांक 449 के अनुसार निशा कानो वांघा को दिनांक 21 जुलाई 2012 को कीनिया स्थित भारतीय मिशन द्वारा ओसीआई कार्ड नम्बर जारी किया गया था। निर्वाचक नामावली 21 जनवरी 2015 भाग संख्या 16 सिरियल नंबर 888 में निशा कानों वांघा का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज है। भारतीय नागरिकता कानून 1955 के अनुसार कोई भी ओसीआई कार्ड जारी होने के 5 वर्ष उपरांत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है।
इसके अलावा भारतीय संविधान दोहरी नागरिकता को भी मान्य नहीं देता है, जिसके अनुसार वोटर कार्ड बनवाते समय योग्य पात्र नहीं थे। जिला निर्वाचन कार्यालय की शिकायत के बाद एसडीएम कार्यालय पिहोवा ने नगरपालिका चेयरपर्सन को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है और एसडीएम कार्यालय पिहोवा में एक मई को प्रस्तुत होकर स्पष्टीकरण देने को भी कहा था।
उपस्थित न होने की स्थित में एकतरफा फैसला देने की भी बात भी कही गई है। एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी इस पत्र से शहर में चर्चाओं का माहौल एक दम से गर्म हो गया है। शहर में नगरपालिका चेयरपर्सन का वोट ही कैंसिल होने की चर्चाएं सारा दिन चलती रही।
इस मामले को लेकर जब पुनीत गर्ग से बात कि तो उन्होंने भी माना कि एसडीएम कार्यालय की तरफ से उन्हें एक नोटिस जारी हुआ है। नोटिस में उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। पत्नी की तबीयत खराब होने के चलते उन्होंने एसडीएम से दो दिन का समय मांगा है। दो दिन के भीतर वे अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर देंगे।
जब इस मामले को लेकर एसडीएम सोनू राम से बात कि तो उन्होंने कहा कि इस तरह का मामला जिला निर्वाचन कार्यालय के पत्र क्रमांक 278 के माध्यम से उन्हें प्राप्त हुआ है। नगरपालिका चेयरपर्सन को 1 मई को मामले को लेकर स्पष्टीकरण व दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। लेकिन एक मई को नगर पालिका चेयरपर्सन उनके सामने पेश नहीं हुई बल्कि उनके पति पुनीत गर्ग उनके समक्ष पेश होकर बताया कि उनकी पत्नी बीमार है उन्हें दो दिन का समय दिया जाए। जिसके चलते उन्हें दो दिन का समय दिया गया है। अगर दो दिन बाद भी वे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए तारे कानून के अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।