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समय से पहले की छुट्टी, पूरा स्टाफ होगा चार्जशीट

Wed, 03 Feb 2016 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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मुर्तजापुर के प्राथमिक स्कूल में समय से पहले छुट्टी करना अध्यापकों को भारी पड़ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल मुखिया सहित सभी अध्यापकों को चार्जशीट की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य ने बताया कि मंगलवार को औचक निरीक्षण में पाया गया कि इस स्कूल की छुट्टी समय से पहले ही कर दी गई थी।
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इस पर सेक्शन-8 के तहत सभी अध्यापकों को चार्जशीट करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि गांव के दोनों स्कूलों के बारे में उन्हें सूचनाएं मिल रही थीं। खराब परिणाम से भी उन्हें आशंका हो गई थी कि यहां अध्यापक बड़े स्तर पर लापरवाही कर रहे हैं। अब वह खुद नजर रखेंगी। सुमन आर्य ने बताया कि स्कूल में प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर छात्र की गाड़ी खड़ी होती है।

कोई छात्र बाइक से स्कूल आत है, तो कोई मोबाइल लेकर पहुंचता है। छात्र जब चाहे स्कूल से घर चले जाते हैं। मुर्तजापुर स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तो विद्यार्थियों का राज चलता है। अध्यापक उन पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे। इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य को भी तब हुई, जब वे मंगलवार को यहां औचक निरीक्षण के लिए पहुंची।
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‘सामान्य जानकारी तक नहीं बच्चों को’
जिला शिक्षा अधिकारी के पहुंचने की जानकारी होने पर अध्यापकों की पोल खोलने के लिए गांव वाले भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने सुमन आर्य को बताया कि अध्यापक बच्चों को नहीं पढ़ाते। इसके बाद उन्होंने बच्चों से सामान्य जानकारी से जुड़े सवाल पूछे।

इनका जवाब दसवीं कक्षा तक विद्यार्थी नहीं दे सके। औचक निरीक्षण के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल के हालात बेहद खराब हैं। प्रिंसिपल और अध्यापकों का विद्यार्थियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने मनमानी करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को उनके नाम काटने की चेतावनी दे दी है। इसके साथ ही ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चों को मोबाइल लेकर विद्यालय न भेजें। इस संबंध में अध्यापकों को भी कड़े निर्देश दिए हैं।

बदली जाएगी डीडी पावर : सुमन आर्य
जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य ने बताया कि इस स्कूल में अध्यापक बच्चों को पढ़ाने में रुचि नहीं ले रहे है। शायद यही कारण है कि बच्चों को कोई भी जानकारी नहीं हो रही है। उन्होंने स्वयं यह जांच की है। स्कूल की डीडी पावर ईएचएम को दी गई थी।

लेकिन, अब उनसे यह पावर वापस लेकर किसी सीनियर प्राध्यापक को सौंपी जाएगी। सभी अध्यापकों को कड़े निर्देश दिए है कि बच्चों के हर रोज टेस्ट लिए जाएं। इसका रिकॉर्ड भी रखा जाए। वह अध्यापकों के शिक्षण कार्य की भी स्वयं जांच करेंगी। लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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