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खटारा बसों के सहारे नौनिहालों की जिंदगी

Tue, 07 Mar 2017 12:08 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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chicking school bus - फोटो : अमर उजाला
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कोई बस पूरी तरह से खटारा तो किसी बस में मेडिकल किट नहीं, किसी में चालक के पास कागजात नहीं तो किसी में अटेंडेंट ही नहीं। कई बसों में क्षमता से ज्यादा बच्चे तो किसी में कैमरे नहीं तो कई के इमरजेंसी डोर भी दुरुस्त हालत में नहीं। यह हालत है जिला भर में अधिकतर निजी स्कूल बसों की, जिनकी पोल सोमवार को उस समय खुली जब अधिकारियों की टीम ने जांच अभियान चलाया।
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सुबह करीब 7 बजे से शुरू किया गया यह अभियान करीब 10 घंटे तक चला। इस दौरान कई नामी स्कूलों की बसों की हालत देख भी अधिकारी दंग रह गए। अभियान में खुलासा हुआ कि इन बसों में न केवल मासूम बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों व सुरक्षित वाहन पॉलिसी को भी खुले तौर पर ठेंगा दिखाया जा रहा है।

स्टेट चाइल्ड राइट कमिश्नर के सदस्य परमजीत बडैला की अध्यक्षता में चलाए गए अभियान के तहत 29 स्कूल बसों व अन्य वाहनों के नियमों की अवहेलना करने पर चालान किए गए तो दो बसों को इंपाउंड भी किया गया। टीम ने स्कूल लगने के समय सुबह करीब 7 बजे ही अपना अभियान पिपली चौक से शुरू किया, जहां बच्चों को लेकर स्कूलों में जा रही कई बसों की जांच की गई। इन बसों में कई प्रकार की खामियां पाई गई। इसी बीच टीम ने कई स्कूलों में जाकर ही वहां खड़ी बसों की जांच की।
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इन बसों में भी भारी खामी पाई गई। जांच कर रहे आयोग के सदस्य व अन्य अधिकारियों के अनुसार वह उस समय दंग रह गए जब कई बसें तो बेहद खटारा हालत में पाई गई। अधिकतर बसों में मेडिकल किट ही गायब थी तो वहीं कई चालक बिना वर्दी बिना लाइसेंस के भी पाए गए। कई बसों में महिला अटेंडेंट ही नहीं थी तो अधिकतर बसों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं थे। कई बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को भी बैठाया हुआ था तो कई बसों में अन्य नियमों को ताक पर रखा हुआ पाया गया।

ये रहे जांच अभियान में शामिल
स्टेट चाइल्ड राइट कमिश्नर के सदस्य परमजीत बड़ौला, डिस्ट्रिक चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर इंदू शर्मा, बाल कल्याण परिषद के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह काजल, सदस्य मिहां सिंह व सीमा देवी, आरटीओ कार्यालय से संदीप कुमार, एसएचओ ट्रैफिक सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मी भी शामिल रहे। सुबह करीब 7 बजे से लेकर करीब 7 बजे तक चलाए गए जांच अभियान से निजी स्कूलों में हड़कंप सा मचा रहा। बताया जा रहा है कि कई स्कूलों ने अपनी बसों को स्कूलों से दूर ही किसी एकांत स्थान पर भेज दिया।

किए चालान तो दी चेतावनी भी : काजल
जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह काजल ने बताया कि 29 स्कूल वाहनों के चालान किए गए है तो तीन को इंपाउंड किया गया है। पहले चेतावनी दी जाती रही, लेकिन इस बार कार्रवाई की गई है। जिसके साथ चेतावनी भी दी गई है कि कुछ ही दिनों के दौरान फिर से जांच की जाएगी और उस समय भी खामी पाई गई तो स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश भी की जाएगी। नियमों की अवहेलना करने में नामी स्कूल भी आगे है शहर के आधा दर्जन नामी स्कूलों की बसों के चालान किए गए है तो वहीं ग्रामीण स्कूलों की बसों की हालात भी चिंतनीय पाई गई है।
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