संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। राजकीय कन्या महाविद्यालय पलवल में शनिवार को हिंदी दिवस एक खास अंदाज में मनाया गया। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य व शिक्षकों से लेकर छात्राओं में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ कृष्ण कुमार की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने भी भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं और कविताओं, भाषणों और लेखन के माध्यम से हिंदी के प्रति अपनी आत्मीयता व्यक्त की।
कार्यक्रम का थीम भी ‘हिंदी हैं हम’ रखा गया। इस अवसर पर प्राचार्य, शिक्षकों व छात्राओं ने हिंदी पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमें हिंदी होने पर गर्व है। भले ही आज अंग्रेजी का बोलबाला है पर यह भाषा हमारी मातृभाषा हिंदी को कमजोर नहीं कर सकी है। आज भी हर हिंदुस्तानी सबसे पहले हिंदी में ही बात करना पसंद करता है। कार्यक्रम का माहौल हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता से ओतप्रोत रहा।
तकनीक और आधुनिक जीवन का हिस्सा बनाएं : डॉ गगनदीप
प्राचार्य डॉ. गगनदीप कौर ने हिंदी को राष्ट्रभाषा और राजभाषा दोनों रूपों में उसकी अहमियत रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदी भारत की आत्मा और सांस्कृतिक एकता की भाषा है। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि हिंदी को केवल पढ़ने और लिखने तक न सीमित रखें, बल्कि इसे तकनीक और आधुनिक जीवन का हिस्सा बनाकर आगे बढ़ाएं।
विश्व मंच पर भी भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है हिंदी : डॉ सुनील
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुनील थुआ ने हिंदी दिवस को भारतीय भाषा सम्मान दिवस के रूप में मनाने का सुझाव देते हुए कहा कि हिंदी केवल राष्ट्र की ही नहीं बल्कि विश्व मंच पर भी भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में हमें हिंदी पर गर्व होना चाहिए। स्कूल से लेकर अदालत तक हिंदी भाषा को तव्वजो दी जानी चाहिए।