कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में महान साधु संत समाज ने मंत्रोच्चार और शंखनाद की ध्वनि के बीच सांयकालीन आरती का शुभारंभ किया। महोत्सव में पहली बार गीता महोत्सव के पहले दिन संत समाज के लोगों ने खुद संध्याकालीन आरती का शुभारंभ किया है। आरती व साधु संत समाज के प्रवचनों से ब्रह्मसरोवर की पूरी फिजा भक्ति रस में डूब गई।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में वीरवार को देर सायं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सहयोग से ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांयकालीन आरती का आयोजन किया गया। महोत्सव के पहले दिन डाॅ. स्वामी शाश्वतानंद गिरी महाराज, महंत बंसीपुरी महाराज, संत ज्ञानेश्वर महाराज, संत गुरु भक्त सिंह, महंत विशालदास, संत रोशनपुरी महाराज, साध्वी डाॅ. आनंद सरस्वती सहित अन्य जाने माने संतों और साधु समाज के लोगों ने शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच संध्याकालीन आरती का शुभारंभ किया।
इस आरती में पहली बार महोत्सव में संत समाज के महान लोगों ने एक साथ मिलकर संध्या कालीन कार्यक्रम का आरती के साथ शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम से पहले केडीबी की तरफ से प्रसिद्ध कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। ब्रह्मसरोवर की सांयकालीन आरती में पंडित बलराम गौतम, सोमनाथ शर्मा, अनिल गौतम, रोहित कौशिक, रूद्र गौतम ने संत समाज को आरती करवाई और मंत्रोच्चार का जाप किया।
महामंडलेश्वर डाॅ. स्वामी शाश्वतानंद गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मसरोवर की आरती से पर्यावरण शुद्ध होता है। यह एक आदि भौतिक, आदि दैविक एवं आध्यात्मिक दृष्टि के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक तथा वैज्ञानिक दृष्टि से भी एक सिद्ध समग्र एवं समन्वित उपक्रम है। इस मौके पर केडीबी के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, डाॅ. एमके मोदगिल, डाॅ.ऋषिपाल मथाना सहित अन्य गणमान्य लोग भी शामिल रहे।