कुरुक्षेत्र। कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘समर्थ’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई जिसमें फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) कक्षाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में शामिल उपायुक्त ने प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की भाषा और गणितीय समझ को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बुनियाद मजबूत होगी तो वे आगे की पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की पढ़ने-लिखने और समझने की क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण और मेहनत से ही बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार संभव हो रहा है।
इस अवसर पर जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने कहा कि बच्चों की मजबूत नींव ही उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है। प्राथमिक स्तर पर दी जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी सीखने की क्षमता भी मजबूत होती है।
कार्यक्रम का आयोजन जिला मौलिक शिक्षा विभाग, कुरुक्षेत्र की ओर से किया गया। इसमें लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) ने सहयोगी संस्था के रूप में भागीदारी निभाई। एलएलएफ के स्टेट मैनेजर तुषार पुंडीर ने ‘समर्थ’ कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से भाषा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों और नई शिक्षण विधियों का उपयोग किया जाएगा, जिससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान जिले की एफएलएन कक्षाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों ओमपाल, आशुतोष, डॉ. गुणवंती, जय गोपाल, सैयद शाहिद, माया, मुकेश शुक्ला, सुनील, विनोद, अलीमुद्दीन और रहमदीन को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।