बाबैन। प्राचीन उप ज्योतिर्लिंग नागेश्वर महादेव मंदिर में हाल ही में हुए हादसे के बाद बाबा को श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। विभिन्न क्षेत्रों से साधु-संतों के एक जत्थे ने मंदिर पहुंचकर संरक्षक महंत त्रिकाल गिरी से मुलाकात की तथा इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना जताई। साधु-संतों ने बाबा नटराज गिरी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करके उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
संत समाज ने बाबा नटराज गिरी के धार्मिक एवं सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन मंदिर सेवा और धर्म प्रचार को समर्पित कर दिया था। मंदिर का लगभग 108 फुट ऊंचा विशाल गुंबद अचानक गिर जाने से मंदिर के सेवादार बाबा नटराज गिरी की मलबे के नीचे दबने से मृत्यु हो गई थी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी के ओएसडी महेंद्र सिंह भी नागेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा नटराज गिरी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर के संरक्षक महंत त्रिकाल गिरी से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। मंदिर संरक्षक ने कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन नागेश्वर महादेव मंदिर की सेवा और विकास के लिए समर्पित किया है। मंदिर का अचानक ढह जाना उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक घटना है।
उन्होंने बताया कि इस मंदिर के निर्माण में क्षेत्र के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया था और उनकी देखरेख में भव्य मंदिर तैयार हुआ था। मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकता का केंद्र भी था। मंदिर ढहने से श्रद्धालुओं को गहरा आघात पहुंचा है। वर्तमान में मंदिर के मलबे को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें गांव के युवा, श्रद्धालु एवं सामाजिक कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।