कुरुक्षेत्र। मॉक ड्रिल के दौरान आगजनी में फंसे कर्मियों को निकालती राहत टीम। संवाद
- फोटो : samvad
कुरुक्षेत्र। जिला सचिवालय की पहली मंजिल पर लगी आग से धुआं उठा तो अचानक ही सायरन बज उठा, जिसके साथ ही अफरा-तफरी फैल गई और कर्मचारी कार्यालय छोड़ बाहर निकल गए। कुछ ही पलों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां व पुलिस भी मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया, जिसके साथ ही आग में फंसे दो कर्मियों को भी बचाया गया, जिनका स्वास्थ्य जांच भी कराया गया। मौका था मंगलवार को मॉक ड्रिल का, जिसके जरिए विभिन्न विभागों की तत्परता को परखा गया।
रोहतक के बाद लखनऊ में हुई आग लगने की घटनाओं के चलते प्रशासन की ओर से यह मॉक ड्रिल की गई, जिसमें प्रथम तल पर आग लग गई। ऐसा देखते हुए पूरे सचिवालय के कर्मचारी-अधिकारी सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकले। इसी दौरान फायर ब्रिगेड के कर्मी सीढिय़ां लगाकर प्रथम तल पर पहुंचे। वहां पर लगी आग को बुझाया और आग में फंसे दो कर्मचारियों को निकाला।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला के नागरिकों को अन्य जगहों पर हुई आग की घटनाओं से सबक लेना चाहिए और अपने संस्थान व घरों पर अचानक होने वाली इस तरह की घटनाओं पर काबू पाने के लिए उचित संस्थानों की व्यवस्था होनी चाहिए।
फायर विभाग के पास 20 गाड़ियां, 104 कर्मी : संदीप
फायर अधिकारी संदीप ने कहा कि जिले में फायर विभाग की 20 गाड़ियां उपलब्ध हैं और 104 का स्टाफ नियुक्त है। जो सभी सातों दिन 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहता है, ऐसी किसी भी प्रकार की घटना होने पर तुरंत फायर विभाग से संपर्क करें ताकि समय रहते आग जैसी घटनाओं पर काबू पाया जा सके।
कुरुक्षेत्र। मॉक ड्रिल के दौरान आगजनी में फंसे कर्मियों को निकालती राहत टीम। संवाद- फोटो : samvad