कुरुक्षेत्र। जिला सचिवालय में सोमवार को समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कोई पेंशन तो कोई परिवार पहचान पत्र में खामियां दूर करवाने की समस्या के समाधान के लिए पहुंचा था। इस दौरान सीटीएम आशीष कुमार ने जहां करीब 15 शिकायतों का निपटारा किया तो वहीं करीब 10 शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए। शिविर में आए कई फरियादियों ने बताया कि वह शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। वे समाधान शिविरों में भी फरियाद लगा चुके हैं, जिसके बावजूद कईं लोगों को आज तक आश्वासन ही मिलता रहा है।
जिला सचिवालय में सोमवार को आए कई फरियादियों ने बताया कि वे अनेक बार अपनी शिकायत दे चुके हैं। पहले संबंधित विभाग में शिकायत दी गई तो वहीं समाधान शिविर में भी दो से तीन बार भरोसा ही मिला है। उन्हें अपने काम छोड़कर न केवल कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है बल्कि परेशानी भी झेलनी पड़ती है। शिविर में जिला उपायुक्त की जगह शिकायतें सुन रहे
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आठ माह से बंद पेंशन नहीं की जा रही शुरू : गोपालदास फोटो 51
धोबी मोहल्ला के रहने वाले गोपालदास का कहना था कि उनकी आठ माह पहले अचानक वृद्वावस्था पेंशन बंद कर दी गई, जिसके बाद शुरू करवाने के लिए वह आज तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। समाधान शिविर में भी वह कईं बार फरियाद लगा चुका है लेकिन भरोसा ही मिलता रहा है। आज फिर मौजूद अधिकारियों की ओर से भरोसा मिला है।
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घर की छत गिरी, नहीं मिल पा रही सहायता : अजय 52
गांव मुस्तापुर के रहने वाले अजय कुमार पत्नी के साथ शिविर में पहुंचे, जहां बताया कि वह गरीब व्यक्ति है और बीमार चल रहा है। कईं बार उपचार करवा चुका है। कच्चे घर की छत करीब छह माह पहले गिर गई थी। बीमारी के चलते वह मजदूरी भी नहीं कर पा रहा। ऐसे में परिवार के समक्ष बड़ा संकट खड़ा है लेकिन इतने समय से कोई मदद की बजाए आश्वसन ही मिलता रहा है।
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सभी विभागों के विभागाध्यक्ष का समाधान शिविर में उपस्थित रहना जरूरी : आशीष
सोमवार और वीरवार को समाधान शिविर में सभी विभागों के विभागाध्यक्ष जरूर उपस्थित रहें। इस विषय में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को अधिकारी गंभीरता से लें। शिविर में प्राप्त शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ-साथ जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं, उन्हें पोर्टल पर अपलोड करें । इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। संवाद