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आरटीए अधिकारियों रेकी कर निकलवाए जाते थे ओवरलोड वाहन

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सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की टीम ने पिछले काफी समय से ट्रांसपोर्टरों से मिलकर मुनाफा कमाने की चाह में विभाग के वाहनों और अधिकारियों की रेकी करने के अलावा लाडवा एसडीएम के रीडर और पीयून से मिलकर वाहनों को छुड़वाने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को वाहन सहित काबू करते हुए छह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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सीएम फ्लाइंग स्क्वाड में कार्यरत सब इंस्पेक्टर दिनेश टीम सहित थाना सदर पिपली के एरिया में मौजूद थे। टीम को जानकारी मिली कि ज्योति नगर का रहने वाला अमरजीत पुत्र जरनैल, अजराना कला निवासी जसप्रीत पुत्र सुखविंद्र आदि ट्रांसपोर्टरों से आरटीए और अन्य विभाग के अधिकारियों सहित वाहनों की रेकी करने को लेकर काफी धन ले रहे हैं। ये दोनों जब भी विभाग के अधिकारी वाहन सहित निकलते हैं तो उसकी जानकारी ट्रांसपोर्टरों को देते हैं, ताकि विभाग के अधिकारी ट्रांसपोर्टरों द्वारा अवैध सामान से भरे ट्रकों को इधर-उधर कर दें। इनका यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था।
सीएम फ्लाइंग के स्क्वाड के एसआई दिनेश कुमार ने सदर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें गुप्त सूचना मिली की ओवरलोडिंग गाड़ियों को चलाने वाले वाहन मालिक और दलालों के माध्यम से पैसे का लालच देकर युवाओं को सड़क पर चेकिंग अधिकारियों आरटीए, एसडीएम और सेल्स टैक्स के वाहनों की रेकी करवा कर अपने ओवरलोड वाहनों को निकाल रहे हैं। यह काम व्हाट्सएप के जरिए प्रत्येक जिले में एडमिन की ओर से किया जा रहा है। गाड़ी मालिकों से अधिकारियों की रेकी और अधिकारियों से सेटिंग करने की एवज में सुविधा शुल्क ले रहे हैं। यह ग्रुप एडमिन सुविधा लेने वालों से एक हजार से दो हजार रुपये प्रति माह अपने बैंक खाते में डलवाते हैं।
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सूचना देने वाले ने बताया कि अमरजीत नाम का युवक जिले में इस तरह का नेटवर्क चला रहा है। वह वेतन पर रखे लड़कों के माध्यम से चेकिंग अधिकारियों की रेकी कराता है। यह भी कहता है कि कई अधिकारियों या उनके स्टाफ से उसकी सेटिंग है। अगर किसी की गाड़ी पकड़ी जाए तो वह उस गाड़ी को बिना जुर्माने के सेटिंग से छुड़वाने में सक्षम है। जसप्रीत नाम का लड़का आरोपी अमरजीत के लिए अपनी मोटरसाइकिल पर रेकी करता है। अगर रेड की जाए तो वह रेकी करता हुआ और फोन पर आरटीए की लोकेशन देते पकड़ा जा सकता है। सूचना के आधार पर उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और रेडिंग पार्टी तैयार की।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसआई सुरेंद्र के नेतृत्व में एसआई दयानंद, एसआई अनिश मलिक, एएसआई राजबीर, एएसआई गुरचरण और मुख्य सिपाही प्रवेश कुमार की टीम गठित की। रेडिंग पार्टी को सचिवालय में खड़ा कर दिया और जैसे ही आरटीए कुरुक्षेत्र की गाड़ी कार्यालय से निकली तो एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर पीछे-पीछे चल दिया। एसआई भी अपनी टीम के साथ पीछे-पीछे चल पड़े। मोटरसाइकिल चालक आरटीए की गाड़ी का पीछा करते-करते फोन पर बात करता चल रहा था, वह उमरी चौक के पास खड़ी एक आई-20 कार के पास रुक कर गाड़ी के चालक से बात करने लगा। एसआई सुरेंद्र कुमार की टीम ने आरटीए की गाड़ी का पीछा करने वाले मोटरसाइकिल चालक को और आई-20 कार चालक को काबू किया। मोटरसाइकिल चालक ने अपना नाम अजराना खुर्द निवासी जसप्रीत उर्फ जस्सा बताया।
10 हजार रुपये प्रति माह पर रखे युवक
पूछताछ में आरोपी जसप्रीत ने बताया कि वह ज्योति नगर निवासी अमरजीत के पास 10 हजार रुपये प्रति माह के काम कर रहा है। चेकिंग अधिकारियों की पल-पल की मूवमेंट की सूचना अमरजीत को देता है। अमरजीत उन सूचनाओं को वाट्सएप ग्रुप पर साझा करता है। इस पूरे नेटवर्क का मास्टर माइंड अमरजीत है। वह आई-20 कार में बैठा है। इसी आधार पर कार में बैठे व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने अपना नाम अमरजीत बताया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह काफी समय से वेतन पर रखे युवाओं के माध्यम से चेकिंग अधिकारियों की रेकी करता है। वाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों को सूचना साझा करता है।
इन लोगों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज
सदर थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वाड के एसआई दिनेश कुमार की शिकायत के आधार पर ज्योतिनगर निवासी अमरजीत सिंह, जसप्रीत उर्फ जस्सा, इंद्री निवासी डब्ल्यू, मोहित, एसडीएम लाडवा के रीडर मनजीत और सेवादार प्रवीण के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच डीएसपी रविंद्र तोमर को सौंपी गई है। डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि मामले में अमरजीत, जसप्रीत और प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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