पिहोवा। डोंकरों की ओर से बेलारूस में बंधक बनाए गए रोहित का 20 दिन बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है जिससे परिजन चिंता में डूबे हैं। वे लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन डोंकरों को 900 डाॅलर भेजने के बावजूद दोबारा कोई बातचीत नहीं हो पाई।
परिजनों ने एजेंट पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एजेंट ने रोहित को इटली पहुंचाने का भरोसा देकर पैसे ऐंठे और अब फरार है। यहां तक कि शिकायत करने पर धमकियां भी दी गईं। एजेंट के घर पर ताला लटका हुआ है और उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा।
फौजी प्लाॅट के रहने वाले मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि एजेंट से बेटे रोहित को माल्टा के रास्ते इटली भेजने की बात 11 लाख रुपये में तय की थी। 7 जुलाई को उन्होंने रोहित का पासपोर्ट और एक लाख रुपये विजय को सौंप दिए थे। रोहित को 21 सितंबर को दिल्ली से दुबई भेजा गया जिसके बदले एजेंट ने एक लाख 20 हजार रुपये और ले लिए।
दुबई पहुंचते ही एजेंट ने फिर पैसे मांगे और मनोज के घर आकर साढ़े पांच लाख रुपये नकद ले गया। एजेंट ने आश्वासन दिया था कि कुछ ही दिनों में रोहित सुरक्षित इटली पहुंच जाएगा लेकिन बेलारूस के जंगलों में रोहित को डोंकरों ने बंधक बना लिया। उसने धमकी दी है कि खर्चा नहीं मिला तो रोहित को जंगल में मरने के लिए छोड़ देगा।
रोहित ने बड़े भाई अमन को डोंकर से हुई बातचीत का एक वीडियो भेजा था। इटली में रहने वाले रोहित के भाई अमन की ओर से डोंकरों को अब तक 900 डाॅलर ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इसके बावजूद रोहित से दोबारा संपर्क नहीं हो पाया है।
मनोज का आरोप है कि पिछले मंगलवार को एजेंट विजय उनके घर आया था और एक लाख रुपये लेकर रोहित को छुड़वाने का भरोसा दिया था। स्वजन ने किसी तरह रकम जुटाकर उसे दे भी दी, मगर तब से एजेंट गायब है और रोहित की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही।