हिप हाप से लेकर बॉलीवुड स्टार के सिग्नेचर डांसिंग स्टेप तक मानव नाम का यह रोबोट सब कुछ कर सकता है। एनआईटी के जुबली हॉल में जब- हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण, सिंदड़ी दा सेवण दा सखी शाह बाज कलंदर, अली दम दम दे अंदर... की स्वर लहरियां संगीतबद्ध होकर गूंजी तो रोबोट ने डांस का ऐसा धमाल मचाया कि दर्शक देखते रह गए। मानव की ऐसी कई विशेषताएं हैं जो उसे देश के सबसे खास रोबोट की श्रेणी में अव्वल नंबर पर खड़ा किए हुए हैं। मानव की परफोरमेंस का लोहा देश की लगभग सभी आईआईटी भी मान चुकी है। दरअसल इस रोबोट को तैयार किया है ए-सेट टीएंडआर इंस्चीट्यूट ने।
दो दिन से मानव कुरुक्षेत्र में है और उसकी परफोसमेंस के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में विशेष रुप से आमंत्रित किया गया है। इस रोबोट को तैयार करने वाली टीम के सदस्य दिल्ली वासी इंजीनियर दिवाकर, राहुल सिंह, गुरदयाल सिंह, रितेश सचदेवा और बिहार के मोतीहारी निवासी स्वतंत्र सिंह कहना है कि मानव खालिस भारतीय है। इसे निर्माण करने वाले और निर्माण में उपयोगी सभी वस्तुएं भारत की हैं। मानव का वजन दो किलोग्राम है, जबकि उसका कद ढाई फुट है। इसकी दोनों आंखों में कैमरे लगे हैं। इस रोबोट को तैयार करने में डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए हैं। सेंसर के जरिये गीत संगीत को समझकर मानव डांस के वो सभी स्टेप करता है, जैसे एक इंसान करता है।
जल्द तैयार होगा मानव का नया वर्जन
राहुल सिंह के मुताबिक मानव का नया वर्जन जल्द तैयार करने की योजना है। मानव के कद और क्षमताओं में विस्तार करने के लिए दो साल का वक्त लगेगा। इसका निर्माण करने वाली टीम की मानें तो उनका लक्ष्य मानव में ऐसी खूबियां डालने की है, जिसके दम पर वो इंसान की तरह सोचेगा। राहुल सिंह का कहना है कि यदि किसी इंसान को गर्मी लगती है और उसकी ठंडा पानी पीने या एयर कंडीशनर चलाने की इच्छा है तो यह रोबोट पानी लाकर देगा और एसी का स्विच आन करेगा। उन्होंने बताया कि मानव का नया वर्जन मोस्ट एडवांस रोबोट के रुप में जल्द देश के सामने होगा। इसकी ब्रेन कलोनिंग पर रिसर्च जारी है।
जो हाथ गवां चुुके उन्हें 15 हजार में मिलेगी बायोनिक आर्म
राहुल सिंह ने बताया कि दुर्घटना या अन्य किसी कारणवश जो लोग अपना हाथ गंवा चुके हैं और प्लास्टिक के दूसरे तरह के कृत्रिम अंग लगवा रहे हैं, उनके लिए एक अच्छी खबर यह है कि मानव को तैयार करने वाली पूरी टीम ऐेसे बायोनिक आर्म तैयार कर रही है, जिसकी पकड़ और काम करने की क्षमता असली हाथ की तरह होगी। विदेशों इस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है,लेकिन बहुत अधिक महंगा, यानि लाखों रुपये कीमत होने की वजह से भारत में इसकी डिमांड नहीं है,जबकि उनकी टीम सिर्फ 15 हजार रुपये में ऐसा हाथ तैयार कर भारत की मार्केट में लांच करेगी।
रोबोट के डांस पर भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक भी निहाल
भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. चिंदबरम और ब्रह्मोस के चीफ कंट्रोलर एवं ब्रह्मोस एरोस्पेस सीईओ और एमडी सुधीर मिश्रा इस रोबोट के डांस पर इतना मुरीद हुए कि उन्होंने मानव की डांस प्रफोरमेंस को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। डा. चितंबरम और मिश्रा ने इस रोबोट तैयार करने वाली टीम की सराहना की।