भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगो को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की। यूनियन के सदस्यों ने हरियाणा सरकार तथा बीओसीडब्ल्यू वेलफेयर बोर्ड के अधिकारी, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के श्रमिक विरोधी रवैया के खिलाफ प्रदर्शन किया। इससे पहले श्रमिक स्थानीय नया बस अड्डा पर इकट्ठे होकर प्रदर्शन करते हुए डीसी कार्यालय पर पहुंचे।
इस मौके पर यूनियन के जिला प्रधान कुलदीप सारसा ने कहा कि श्रमिक एडी दफ्तर कुरुक्षेत्र के चक्कर काट रहे हैं किंतु श्रमिकों का पंजीकरण नहीं हुआ है। बोर्ड ने पंजीकृत श्रमिकों को मिलने वाले लाभों से संबंधित फाइलों को जमा करने में मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी एक अधिकारी की तानाशाही है जोकि यूनियन सहन नहीं करेगी।
वहीं यूनियन जिला सचिव देवीदयाल ने कहा कि श्रमिकों को बोर्ड द्वारा चलाई गई छात्रावृत्ति योजना का लाभ मिल नहीं पा रहा है क्योंकि जब श्रमिक छात्रवृत्ति फार्म को शिक्षा संस्थानों के मुखियाओं के पास वेरीफिकेशन और रिपोर्ट कार्ड लेने जाता है तो संस्थानों के मुखिया यह कहकर इंकार कर देते हैं कि हमारे पास विभागीय निदेश नहीं हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकार तुरंत प्रभाव से सभी शिक्षा संस्थानों के मुखियाओं को श्रमिकों के बच्चों के छात्रवृत्ति फार्म वेरीफाई करने और रिपोर्ट कार्ड देने के सख्त आदेश जारी करे। यूनियन के प्रांतीय प्रधान करनैल सिंह ने कहा कि सरकार ने कागजों में तो निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं की हुई हैं किंतु जमीन पर परिणाम शून्य है। इस अवसर पर यूनियन के उपप्रधान चांदी राम, उषा कुमारी, राज्य वित्त सचिव सुनहरा सिंह, मनरेगा मजदूर यूनियन के प्रचार सचिव सोमनाथ, जन संघर्ष मंच हरियाणा की प्रांतीय उपप्रधान सुदेश कुमारी, जिला सचिव चंद्र रेखा और जिला प्रधान संसार चंद्र ने भी संबोधित किया।