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दूसरे दिन भी थमे रहे रोडवेज बसों के पहिये, यात्री बेहाल

Wed, 12 Apr 2017 12:26 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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buses stand on workshop - फोटो : अमर उजाला
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निजी परमिटों के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को भी पूरा दिन जारी रही, जिसके चलते डिपो की एक भी बस सड़कों पर नहीं उतर पाई। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रोडवेज कर्मचारी दिन भर सरकार व विभाग के विरोध में नारेबाजी करते रहे।
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कर्मचारियों की हड़ताल से विभाग को करीब 16 लाख का फटका भी लगा। रोडवेज बसें बंद होने पर निजी बस संचालकों ने जमकर फायदा उठाया और दिन भर ये बसें व अन्य निजी वाहन ही यात्रियों का सहारा बने रहे। हालांकि दिन भर रोडवेज कर्मचारी निजी बसों के परमिट देने के विरोध में गरजते रहे, लेकिन दिन भर निजी बसें सड़कों पर सरपट दौड़ती रही।

कई यात्रियों की मानें तो इन बस संचालकों से कई रूटों पर मनमाना किराया भी वसूल किया तो वहीं अनेक यात्री कुरुक्षेत्र के दोनों बस अड्डों के बाहर कई घंटे तक कुछ वाहन मिलने की बाट भी जोहते रहे। उधर पहले चालक व परिचालक ही हड़ताल पर आए तो मंगलवार को अधिकतर दूसरे कर्मचारी भी उनके साथ शामिल हो गए      
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वर्कशॉप में बंद हुई सरकारी बस तो निजी बस अड्डे के बाहर      
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जहां डिपो की सभी बसें बस अड्डा परिसर में ही स्थित वर्कशॉप में बंद कर दी गई तो वहीं बस अड्डा विरान सा रहा। जहां एक भी बस वर्कशॉप से देर सांय तक बाहर नही निकल पाई तो वहीं निजी बसें भी बस अड्डे के अंदर नहीं घुसने दी गई। ये बसें भी बस अड्डे के बाहर ही यात्रियों को उतारती और चढ़ाती रही तो वहीं निजी मैक्सी कैब चालकों ने भी हड़ताल का पूरा फायदा उठाया।      
    
दोगुना किराया देकर किया कैथल का सफर      
सेक्टर सात निवासी राजेंद्र कुमार व उनकी पत्नी रेशमा ने बताया कि उन्हें किसी जरूरी कार्य के लिए कैथल जाना था, लेकिन वह एक निजी मैक्सी कैब में वहां जा पाए और वापस आए। इसके लिए उन्हें दोगुना किराया देना पड़ा।      
    
कर्मचारियों की हाजिरी की जगह लिखा गया स्ट्राइक पर      
रोडवेज कर्मचारी जहां हड़ताल को सफल बनाने में कामयाब रहे वहीं उनकी हाजिरी रजिस्टर में उपस्थिति की बजाए स्ट्राइक पर लिखा गया। हालांकि अभी इन कर्मचारियों के खिलाफ विभाग ने कोई दूसरा एक्शन नहीं लिया है, लेकिन दिन भर उच्चाधिकारियों से मिलने वाले निर्देशों की इंतजार करते रहे।      
  
हड़ताल से हुए विभाग को नुकसान : मेजर सिंह      
डिपो के ट्रैफिक मैनेजर मेजर सिंह ने बताया कि सोमवार को सांय को ही हड़ताल की गई लेकिन मंगलवार को यह हड़ताल पूरी तरह से दिन भर जारी रही। इससे विभाग को मंगलवार को ही करीब 14 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
               
पिहोवा डिपो में खड़ी रही 51 बसें                                   
निजी बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मियों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को पिहोवा सब डिपो के रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरे दिन यात्री बसों के लिए भटकते हुए नजर आए। हड़ताल का बुरा असर छात्रों पर देखने को मिल रहा है। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।

पिहोवा सब डिपो यूनियन के सचिव कर्मपाल ने कहा कि सरकार रोडवेज को खत्म करने और निजी बस संचालकों को लाभ पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। सरकार रोडवेज का निजीकरण करके कर्मचारियों का शोषण तो कर ही रही है, साथ सरकार को जनता के हितों को भी दरकिनार कर रही है। लेकिन रोडवेज कर्मचारी इसे कतई सहन नहीं करेंगे। मौके पर प्रधान निशान सिंह, बलदेव सिंह, ईश्वर, रोहतास, प्रेम, सुनील कुमार, इन्द्रजीत सिंह सहित कर्मचारी मौजूद रहे।             
          
सर्व कर्मचारी संघ आया समर्थन में                                     
सर्व कर्मचारी संघ ने रोडवेज कर्मचारियों का समर्थन किया है। प्रधान बलवान मोर ने बताया कि सभी कर्मचारी एक है। सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा। कर्मचारी अपने हितों की रक्षा करना जानते है।             
         
5 से 6 लाख का हो रहा नुकसान: जगतार सिंह                                  
बस स्टैंड प्रबंधक जगतार सिंह सोढी ने बताया कि पिहोवा सब डिपो की 51 बसें हड़ताल के कारण बस स्टैंड पर खड़ी है। जिससे डिपो को 5 से 6 लाख तक का नुकसान हो रहा है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।                  
हाइवे पर लगा जाम                  
           
निजी बसें नहीं घुसने दी बस स्टैंड में            
हड़ताल के चलते निजी बसों को बस स्टैंड के अंदर नहीं घुसने दिया गया। जिस कारण निजी बस चालकों ने हाइवे पर ही अपनी बसें खड़ी कर ली। जिसके चलते हाइवे पर जाम की स्थिती बनी रही। वहीं सरकारी बसों के ना चलने से प्राईवेट वाहनों की चांदी बनी रही है। उन्होंने इस अवसर का खूब लाभ उठाया।
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