संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने 29 मई को कुरुक्षेत्र डिपो सहित प्रदेशभर के सभी डिपो में धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार रोडवेज विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के बजाए निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे विभाग और यात्रियों दोनों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन 1947 के प्रदेश अध्यक्ष मायाराम उनियाल, समेत सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि विभाग में चालक, परिचालक, मैकेनिक, हेल्पर और सफाई कर्मचारियों के हजारों पद खाली पड़े हैं। स्टाफ की कमी के कारण वर्कशॉप में कई बसें खराब खड़ी रहती हैं और जनता को परिवहन सुविधाओं में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उनका कहना है कि सरकार महंगी दरों पर ठेके की इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल कर रही है। इन बसों में बुजुर्गों, छात्र-छात्राओं और आम यात्रियों को सरकारी बसों जैसी रियायती सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी बसों के संचालन से रोडवेज विभाग को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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सरकारी परिचालकों को ठेके की बस पर लगाया जा रहा : यूनियन
यूनियन नेताओं ने कहा कि कुरुक्षेत्र सहित कई डिपो ऐसे हैं, जहां पर सरकारी परिचालकों को ठेके की इलेक्ट्रिक बसों पर लगाया जा रहा है, जिससे विभाग में परिचालकों की भारी कमी हो गई है। वहीं मैकेनिक और हेल्पर की भी भारी कमी है, जिसके चलते बसों की समय पर मरम्मत नहीं हो पा रही।
परिवहन मंत्री आवास का घेराव करेंगे
यूनियन नेताओं ने एलान किया कि यदि सरकार ने 29 मई से पहले वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो कुरुक्षेत्र डिपो में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक कर्मचारी धरना-प्रदर्शन करेंगे। वहीं मांगें नहीं मानी गईं तो 25 जुलाई को अंबाला छावनी स्थित परिवहन मंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।